IAS JUNAID AHMAD : एक औसत स्टूडेंट होने के बावजूद यूपीएससी में तीसरी रैंक कैसे हासिल की

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IAS JUNAID AHMAD

“जित और हार आपकी सोच पर निर्भर करती हैं
मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जित होगी.”

IAS JUNAID AHMAD SUCCESS STORY : प्रतिवर्ष यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के बारे मे जब भी हम सोचते है तो हमे यह लगता है की देश की सबसे कठिन परीक्षा को पास करने वाले भी पहले से ही बहुत इंटेलीजेंट होते है.

किन्तु कभी-कभी कुछ टॉपर ऐसे भी होते है जो शुरू से औसत होते है किन्तु उनके हौंसले बुलंद होते है ओर इन्ही बुलंद हौंसले के दम पर वे इंटेलीजेंट अभ्यर्थियों को भी पीछे छोड़ते हुए ऐसा इतिहास रच देते है जो आने वाले समय मे साधारण बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों मे हिम्मत पैदा करती है की वे भी यूपीएससी जैसी बड़ी परीक्षा को पास कर सकते है 

आज की हमारी सक्सेस स्टोरी के पात्र भी अपने बचपन से ही एक एवरेज़ स्टूडेंट थे. ओर उनका नाम है जुनैद अहमद (IAS JUNAID AHMAD) जिनके कभी भी 60 प्रतिशत से ऊपर नंबर ही नहीं आये. किन्तु आप यकीन नहीं मानेंगे की यही जुनैद जब संकल्पित होते है तो न केवल यूपीएससी परीक्षा पास करते हैं बल्कि होशियार अभ्यर्थियों को पीछे छोड़ते हुए ऑल इंडिया रैंक 03 भी लाते हैं.

हालांकि जुनैद के लिए यहा तक पहुचने की कहानी भी रोचक है. जुनैद को इस रैंक को हासिल करने के लिए एक या दो बार नहीं बल्कि पाँच बार प्रयास करने पड़े ओर बार-बार असफल होने के बाद उनके पांचवे अटेम्प में यह सफलता हाथ लगी.

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IAS JUNAID AHMAD का जन्म ओर EDUCATION

जुनैद अहमद का ताल्लुक उत्तरप्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना नाम के कस्बे के एक मध्यमवर्गीय परिवार से है. ओर जुनैद की प्रारंभिक शिक्षा बिजनौर में ही हुई. जुनैद अपने बचपन से ही पढ़ाई में काफी औसत थे ओर उन्हे 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा में भी 60 प्रतिशत से ज्यादा नंबर प्राप्त नहीं हुए.  

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद जुनैद ने एएमयू से आगे की पढ़ाई की ओर उसके बाद ग्रेजुएशन के लिए इग्नू को चुना ओर ओपन यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया. अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद जुनैद ने यूपीएससी की तैयारी करने का निश्चय किया तो कई लोगों ने यह कहकर मजाक उड़ाया कि इतने कम नंबरों से पास होने वाला एक औसत लड़का कभी भी आईएएस नहीं बन सकता है.

किन्तु लोगों की बातों पर ध्यान न देते हुए जुनैद ने यूपीएससी की तैयारी के लिए जामिया मिलिया की रेज़िडेंशियल कोचिंग को ज्वॉइन किया. आपको बता दें कि जामिया की कोचिंग अकादमी सिविल सर्विसेज के छात्रों को मुफ्त में तैयारी करवाती है. तथा इसमें छात्रों के लिए रहने, खाने सहित कोचिंग की व्यवस्था बिलकुल मुफ्त होती है. जुनैद भी यह मानते हैं कि यहां के माहौल से लेकर यहां मिलने वाली शिक्षा ने ही उन्हें उनके लक्ष्य को हासिल करने में बहुत मदद की.

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असफलताओ का धैर्यपूर्वक सामना किया

जुनैद के लिए यूपीएससी का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. उन्होंने इस परीक्षा मे सफलता प्राप्त करने के लिए एक-दो बार नहीं बल्कि पूरे पांच बार प्रयास किए. यूपीएससी की कठिन परीक्षा की तैयारी जहा इंसान को पूर्ण रूप से निचोड़ कर रख देती है ऐसे मे सफलता के लिए इतने साल देना व्यक्ति के लिए आसान नहीं है.

लेकिन अपने चेहरे पर हमेशा मुस्कान रखने वाले जुनैद ने इस स्थिति का बहुत ही धैर्यपूर्वक सामना किया ओर यही इनकी खासियत भी है की जुनैद किसी भी बात से जल्दी घबराते नहीं हैं. हालांकि लगातार तीन असफल प्रयास के बाद चौथे प्रयास में जुनैद यूपीएससी परीक्षा में सफल हुए थे और उन्होंने 352वीं रैंक के साथ इस परीक्षा को पास किया था. किन्तु उन्हें आईआरएस का पद मिला ओर आईएएस की चाह रखने वाले जुनैद ने अपनी परीक्षा की तैयारी ज़ारी रखी.

अंत मे उनकी सालों की मेहनत सफल हुई और वर्ष 2019 में जुनैद ने न केवल यूपीएससी की परीक्षा पास की बल्कि ऑल इंडिया तीसरी रैंक लाते हुए वे टॉपर भी बने. यूपीएससी के इस पूरे सफर में जुनैद की मेहनत और धैर्य के साथ हालातों का सामना करना वाकई मे काबिलेतारीफ है.

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यूपीएससी अभ्यर्थियों को जुनैद की सलाह

जुनैद का मानना है कि आपके बैकग्राउंड का आपकी यूपीएससी की तैयारी पर खास फर्क नहीं पड़ता है आप जिस दिन से यूपीएससी की तैयारी शुरू करते हैं, उसी दिन से आपकी शुरुआत होती है. इस परीक्षा की तैयारी मे आपके द्वारा पिछले सालों मे पढ़ा हुआ कुछ भी मैटर नहीं करता है.

जुनैद मानते है कि स्कूल या ग्रेजुएशन के दिनों में अगर आपने संबंधित विषय को पढ़ रखा है तो ऐसे मे आपको उस विषय के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट नहीं करने पड़ते है जबकि पहले न पढ़ना बाद में आपसे और मेहनत कराता है.

जुनैद का कहना है कि यूपीएससी की तैयारी के लिए शुरूआत में आपको बैसिक क्लीयर करने के लिए आठ से दस घंटे पढ़ाई करनी पड़ती थी लेकिन जब एक बार आपके बेसिक्स क्लियर हो जाते है तो उसके बाद 4 से 5 घंटे की पढ़ाई ही पर्याप्त होती है.

किताबों के सिलेक्शन के बारे मे जुनैद का मानना है की किताबों को लेकर नए स्टूडेंट ज्यादा कंफ्यूज़ न हों, आप जो भी किताब खरीदे उसे ही ठीक से पढ़ें और उसे बार-बार रिवाइज़ करते रहे.

जहा एक ओर ज्यादातर टॉपर सोशल मीडिया को इस परीक्षा मे बाधक मानते है वही उनसे उलट जुनैद का मानना है कि सोशल मीडिया ने उनकी परीक्षा की तैयारी करने में बहुत मदद की. जुनैद का इस बारे मे मानना है कि यूपीएससी की तैयारी के लिए ऑनलाइन इतना कंटेंट है कि आप ऑफलाइन मे इसके बारे मे सोच भी नहीं सकते.

जुनैद के अनुसार अगर सोशल मीडिया का ठीक तरह से इस्तेमाल किया जाए तो यह यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए मददगार साबित हो सकती है.

इसके अलावा जुनैद का कहना है कि इस परीक्षा की तैयारी करते वक्त किसी की न सुनें केवल वही करें जो आपका दिल कहता है. परीक्षा की तैयारी के दौरान निराशावादी लोगों से दूर रहें और परीक्षा की तैयारी के साथ अपनी फिजिकल हेल्थ का भी भरपूर ध्यान रखें. अगर स्टूडेंट सही स्ट्रेटजी बनाकर पूरे दिल से तैयारी करता है तो उसे सफलता जरूर मिलेगी.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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