priyasha saluja : मात्र ₹50 हजार से शुरुआत कर खड़ा किया 12 करोड़ का Startup

The Cinnemon Kitchen : की शुरुआत प्रियशा सलूजा (priyasha saluja) ने मात्र 50000 रुपये से की है. इनके प्रोडक्ट 100% ग्लूटन फ्री, डेयरी फ्री और प्लांट बेस्ड होते हैं और यह दो प्रकार से काम करते है पहला पैकेज्ड फूड और दूसरा है मेक टू ऑर्डर बेकरी. यह बिज़नेस हर साल 7 से 8 गुना से अपनी कमाई बढ़ा रहा है.

0
66
The Cinnemon Kitchen

priyasha saluja Success Story : शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India-3) के दूसरे एपिसोड में 3 स्टार्टअप्स ने पैनल के सामने अपनी पिच दी, इनमें से एक है नोएडा का हेल्दी स्नैकिंग स्टार्टअप The Cinnemon Kitchen. आइए जानते हैं इस स्टार्टअप (Startup) के बारे में.

priyasha saluja द्वारा The Cinnemon Kitchen की शुरुआत

स्टार्टअप की शुरुआत नोएडा में रहने वाली प्रियशा सलूजा (priyasha saluja) ने की है. इनकी फैक्ट्री नोएडा-63 में है, जिसमें यह हेल्दी स्नैक बनाने का काम करती हैं. प्रियशा सलूजा ने अपने इस स्टार्टअप की शुरुआत वर्ष 2019 में की थी. The Cinnemon Kitchen की शुरुआत करने से पहले वह एक मार्केटिंग कंपनी में काम करती थीं.

इस स्टार्टअप बिजनेस को दो हिस्सा में बांटा गया हैं. पहला हिस्सा पैकेज्ड फूड का और दूसरा हिस्सा है मेक टू ऑर्डर बेकरी. इनके द्वारा बनाये गये प्रोडक्ट 100% ग्लूटन फ्री, डेयरी फ्री होने के साथ प्लांट बेस्ड होते हैं. यही नहीं इनके स्टार्टअप में वीगन और कीटो के प्रोडक्ट भी मिलते हैं.

वर्तमान समय में कंपनी के कुल 45 (SKU – stock keeping unit) हैं. हमारे देश में कोरोना के बाद से हेल्दी स्नैक मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है, इस बढ़ते हुए क्रेज़ को देखते हुए इसमें आगे बढ़ने के बहुत सारे मौके हैं.

The Cinnemon Kitchen ने शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India-3) के दूसरे एपिसोड में पैनल के सामने अपनी पिच भी दी हालांकि, शार्क को उनकी पैकेजिंग पसंद नहीं आई और अनुपम मित्तल ने उनसे कहा कि वह बेकरी बिजनेस की वजह से अपने पैकेज्ड फूड बिजनेस पर ध्यान नहीं दे पा रही हैं.

यह भी पढ़े : DEVENDRA JAIN : 18 की उम्र में शुरू किया बिजनेस, दोस्त द्वारा बताए एक आइडिया से बन गए 13,000 करोड़ के मालिक

The Cinnemon Kitchen का प्रॉफिट प्रतिवर्ष बढ़ रहा 7-8 गुना

वर्तमान समय में इस कंपनी का बिजनेस सिर्फ़ दिल्ली-एनसीआर में है, लेकिन प्रियशा सलूजा बहुत जल्द ही इसे बेंगलुरु और मुंबई तक ले जाना चाहती हैं. इसी के साथ-साथ प्रियशा इसे हर तरह के एयरपोर्ट्स तक भी ले जाने के बारे में प्लानिंग कर रही हैं.

अगर इस कंपनी के बिजनेस की बात करें तो प्रियशा ने इसकी शुरुआत सितंबर 2019 में की थी, शुरुआत के पहले ही साल 2019-20 में कंपनी ने 1.40 लाख की कमाई की. अगले वर्ष 2020-21 में इस कंपनी का रेवेन्यू करीब 8 गुना अधिक 12.50 लाख रुपये हो गया.

2021-22 में भी कंपनी की कमाई एक बार फिर से 7 गुना की रफ़्तार से बढ़ने के साथ करीब 82 लाख रुपये हो गई. वर्ष 2022-23 में यह कमाई बढ़ते हुए 6 करोड़ तक पहुँच गई.

The Cinnemon Kitchen Startup का Idea कैसे आया?

प्रियशा सलूजा को अपने बचपन से ही खाना बनाने और खाने का बहुत शौक रहा है. किंतु जब वह सिर्फ 13 साल की थीं तो उन्हें जाँच कराने पर पता चला कि उन्हें पीसीओएस है.

आपको इस बारे में बता दें कि इस बीमारी में महिलाओं को ओवैल्युएशन नहीं होता है और इस कारण से उनके पीरियड में अनियमितता आ जाती है, बाल बहुत अधिक झड़ते हैं, और बांझपन आ जाता है, और धीरे-धीरे वजन बढ़ने के साथ महिला की ओवरी में बहुत सारी छोटी-छोटी सिस्ट भी बनने लगती हैं.

प्रियशा इस बारे में बात करते हुए कहती हैं कि अपनी इस मेडिकल कंडीशन की वजह से वह हेल्दी स्नैक के लिए हर दिन कोई न कोई एक्सपेरिमेंट करती रहती थीं. इसी दौरान उन्होंने प्रयोग करते हुए मैदे को मिलेट से रिप्लेस किया और चीनी को स्टीविया या नेचुरल शुगर से. अपने इस रिप्लेसमेंट के बाद तैयार स्नैक वह खा सकती थीं और इन स्नेक से उन्हें किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं होता.

यह भी पढ़े : SAUMYA VARDHAN : ‘ShubhPuja’ के द्वारा कैसे इस लड़की ने लिखी कामयाबी की एक अनोखी कहानी

सिर्फ 50 हजार रुपये से की The Cinnemon Kitchen की शुरुआत

प्रियशा सलूजा ने हेल्दी स्नैकिंग के अपने इस बिजनेस की शुरुआत सिर्फ 50 हजार रुपये के साथ की थी. उन्होंने इन पैसों से एक ओवेन, एक ब्लेंडर और कुछ बेकिंग ट्रे खरीदे और इस प्रकार से उन्होंने यह बिजनेस शुरू कर दिया.

The Cinnemon Kitchen के Logo की कहानी

प्रियशा कहती हैं कि इस स्टार्टअप की शुरुआत में उनके पास पैसे बहुत कम थे, पैसे की इसी कमी के कारण ही उन्होंने अपने दोस्त से लोगो (LOGO) डिजाइन करने के लिए भी कहा. उनके कहने पर दोस्त ने उनके startup का लोगो (LOGO) सर्कल में बनाया, लेकिन प्रिंटिंग स्क्वायर में होती थी.

जब उन्होंने इसके लिए सर्कल कट वाले स्टिकर बनाने के लिए कहा तो उन्हें पता चला कि इसके लिए 2000 रुपये की डाई लगेगी. किंतु पैसों की कमी होने के कारण शुरुआती 6 महीनों ने प्रियशा ने अपने हाथ से ही अपने लोगो के स्टिकर को सर्कल में काटा.

वे अपने शुरुआती दिनों के बारे में कहती है कि उन्हें बिजनेस में हर महीने जो प्रीफ़िट होता जाता था, उसी से उन्होंने अपनी कंपनी का बिजनेस बढ़ाया और यहाँ तक पहुची.

यह भी पढ़े : PABIBEN REBARI : जानिए कैसे गाँव की एक चौथी पास महिला ने 300 रुपये से शुरुआत कर बनाया वैश्विक ब्रांड

शार्क टैंक इंडिया में अच्छे क्रेडिट स्कोर ने किया इंप्रेस, 12 करोड़ की वैल्युएशन मिली

प्रियशा ने शार्क टैंक इंडिया में पिच के दौरान 2 प्रतिशत इक्विटी के लिए 60 लाख रुपये की माँग की. किंतु, पिच के अंत में अमन गुप्ता ने द सिनेमन किचन (The Cinnemon Kitchen) का वैल्युएशन 12 करोड़ रुपये रखते हुए 5 प्रतिशत इक्विटी के बदले में उनकी कंपनी में 60 लाख रुपये का निवेश किया.

अमन गुप्ता ने यह फ़ैसला उनके बिज़नेस के प्रतिवर्ष की ग्रोथ को देखते हुए लिया क्योंकि यह स्टार्टअप सितंबर 2019 में शुरू हुआ और बहुत कम समय में इसकी कमाई 6 करोड़ तक पहुँच गई.

The Cinnemon Kitchen में हिस्सेदारी

आपको यह भी बता दें कि इस कंपनी में अभी तक 99 फीसदी की हिस्सेदारी प्रियशा के पास है, और 1 प्रतिशत उनकी मां के पास है. अपना आइडिया पिच करते वक्त प्रियशा ने शार्क टैंक में बैठे हुए पेनल से कहा कि उनका क्रेडिट स्कोर बहुत अच्छा (838) है, अपने बिज़नेस की बढ़ती हुई रफ़्तार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वह शार्क को रिटर्न जरूर देंगी.

शार्क टैंक इंडिया – दीपिंदर गोयल बोले कि ‘असली शार्क तो ये हैं

शार्क टैंक इंडिया में पिच के दौरान जब अमन गुप्ता ने प्रियशा को 12 प्रतिशत के रेट पर 50 लाख रुपये का लोन ऑफर किया, प्रियशा ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उनका क्रेडिट स्कोर अच्छा है इस वजह से उन्हें इससे कम इंटेस्ट रेट पर मार्केट में लोन बड़ी ही आसानी से मिल जाएगा.

प्रियशा के इस जवाब पर पर दीपिंदर गोयल बोले ने कहा ‘असली शार्क तो ये हैं.’ दीपिंदर गोयल ब्लिंकइट-जोमैटो का मालिक होने के चलते इस डील से पहले ही आउट हो गए, क्योंकि वह बेकरी, रेस्टोरेंट और रिटेल बिजनेस में किसी प्रकार का निवेश नहीं कर सकते हैं.

प्रियशा भी इसके बावजूद दीपिंदर से गाइडेंस लेने के लिए उनका नंबर लेने के लिए जिंद पर अड़ गईं और डील क्लोज करने के बाद चेक लेकर स्टेज से जाते समय आख़िर दीपिंदर का नंबर ले ही लिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here