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IAS VARJEET WALIA : बार-बार असफल होने के बावजूद नहीं मानी हार, आख़िर IAS बनकर ही रुके

“कुछ इस कदर चलो, कि लोग तुम्हारे निशानों पर चलना शुरू कर दें।”

Success Story Of IAS Varjeet Walia : पंजाब राज्य के जालंधर के रहने वाले वर्जीत वालिया (IAS VARJEET WALIA) की यूपीएससी (UPSC) का सफ़र बिल्कुल भी आसान नहीं थी. वैसे तो यूपीएससी परीक्षा को पास करना ही अपने आप में काफी चुनौतीपूर्ण काम है परंतु वर्जीत वालिया की कहानी अन्य लोगों से कुछ ज्यादा ही अलग है.

इस कहानी में एक खास बात है ओर वह है वर्जीत वालिया का जज्बा जो हर बार असफलता मिलने के बावजूद भी कभी कम नही हुआ. यूपीएससी के अपने सफ़र में वर्जीत वालिया शुरू से लेकर अंत तक अपनी कमियों को ढूँढते रहे ओर उन्हें दूर करते रहे और हर बार अपने पुराने प्रदर्शन को सुधारकर पिछली बार से अच्छा प्रदर्शन किया.

यूपीएससी के पहले अटेम्पट से चौथे अटेम्पट तक का उनका सफर किसी भी यूपीएससी कैंडिडेट्स के लिए प्रेरणा बन सकता है क्योंकि यूपीएससी के इस सफ़र में जितने उतार-चढ़ाव उन्होंने देखें सामान्यतः कोई भी अन्य व्यक्ति उसे हैंडल नहीं कर पाता. आइए जानते हैं वर्जीत वालिया की कहानी.

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दूसरे प्रयास में बदला ऑप्शनल सब्जेक्ट

वर्जीत वालिया ने केमिकल इंजीनियरिंग से अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी. ग्रेजुएशन के दौरान ही इन्होंने अपना पूरा मन बना लिया था कि उन्हें सिविल सर्विसेस के क्षेत्र में ही आगे बढ़ना है. साल 2013 से उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू करते हुए 2014 में अपना पहला अटेम्पट दिया.

यूपीएससी के पहले प्रयास में उनका ऑप्शनल सोशियोलॉजी था. पहले प्रयास में वर्जीत प्री में तो सेलेक्ट हो गए परंतु पूरे प्रयास के बाद भी उसके आगे नहीं बढ़ पाए.

इस असफलता से उनके मन में यह बात गहराई के साथ बैठ गई की पूरे साल की पढ़ाई में करीब 60 प्रतिशत तैयारी का समय उन्होंने सोशियोलॉजी को दिया फिर भी वे यूपीएससी में सेलेक्ट नहीं हो पाए इसलिए उन्होंने अपना मन बना लिया की वे अब अपना ऑप्शनल बदलेंगे.

वर्जीत के दोस्तों ओर घरवालों ने उन्हें इसके लिए खूब मना किया पर वर्जीत ने उनकी बात नहीं मानी और अगले साल ऑप्शनल फिजिक्स को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना. किंतु उस साल परीक्षा पैटर्न में बदलाव होने के कारण वर्जीत की मेहनत पहले से चार गुना अधिक बढ़ गई.

यहाँ तक तो सब-कुछ ठीक था किंतु मेन्स परीक्षा के समय तक वे अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट यानी फिजिक्स का 70 प्रतिशत सिलेबस ही खत्म कर पाए थे.

अच्छे से तैयारी न होने ओर सिलेबस कम्प्लीट नही होने के कारण इस साल उन्हें चयन की बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी परंतु उनकी सोच के विपरीत चमत्कार हो गया ओर न जाने कैसे वे यूपीएससी की परीक्षा में सेलेक्ट हो गए और उन्हें इस परीक्षा में रैंक मिली 577.

इस रैंक के अनुसार उन्हें इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस मिली, उन्होंने नौकरी ज्वाइन करते हुए एक्स्ट्राऑर्डिनेरी लीव लेकर फिर से UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

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सम्पूर्ण कोशिश के बावजूद तीसरे प्रयास में मिली असफलता

वर्जीत ने अपना तीसरा अटेम्पट इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस से एक्स्ट्राऑर्डिनेरी लीव लेते हुए तैयारी करनी शुरू कर दी और उन्होंने अपनी आदत के अनुसार अपनी पिछली गलतियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करनी शुरू कर दी, इस बार के प्रयास में उन्होंने अपना सब कुछ तैयारी के लिए समर्पित कर दिया.

तीसरे प्रयास के दौरान तीन सालो तक लगातार तैयारी करने के कारण वर्जीत की तैयारी भी काफी अच्छी हो गई थी और वे अपनी इस जर्नी में समय के साथ निरंतर निखर रहे थे किंतु अपने पूर्ण प्रयास के बावजूद वर्जीत को दूसरा बड़ा झटका तब लगा जब साल 2016 के अपने तीसरे प्रयास में, जिसमें उन्होंने अपना सर्वस्व तैयारी के लिए झोंक दिया था, उनका सेलेक्शन नहीं हुआ.

इस असफलता के बाद वे यह नही समझ पा रहे थे कि आख़िर में उनके द्वारा तैयारी में कहां कमी रह गई. हालांकि इस सफ़र के अनुभव से वर्जीत अपने इस स्ट्रेस को संभालना सीख चुके थे. उन्होंने असफलता के दुःख से बाहर निकालकर खुद कंकों सम्भालने की कला आ चुकी थी. इसलिए पिछली असफलता को बुरा सपना समझते हुए वे एक बार फिर से यूपीएससी की तैयारियों में लग गए.

साल 2017 में अपने चोथे प्रयास में अंततः वर्जीत के सालों की मेहनत का परिणाम उन्हें मिला ओर इस बार उन्होंने 21वीं रैंक के साथ यूपीएससी की परीक्षा पास की थी ओर उनका सेलेक्शन IAS पद के लिए हो गया.

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IAS VARJEET WALIA का यूपीएससी का अनुभव –

वर्जीत वालिया यूपीएससी की परीक्षा के बारे में कहते हैं कि यह परीक्षा बहुत अनप्रिडिक्टेबल है, इस परीक्षा में कभी भी कुछ भी हो सकता है इसलिए इसमें मिली असफलता को दिल से न लगाएं.

अगर आप इस परीक्षा में सफल हुए तो अच्छा है लेकिन अगर किन्ही कारणो से असफल भी हुए तो भी उसका बोझ लेकर न चले क्योंकि इस परीक्षा की तैयारी हर कदम पर आपको एक मजबूत इंसान बनाते हुए इतना निखार देती है कि UPSC में सेलेक्ट नहीं भी हुए तो भी आपके हाथ खाली नहीं रहेंगे.

आप यूपीएससी की तैयारी के इन सालों में एक इंसान के तौर पर बहुत परिपक्व हो चुके होंगे ओर आप तैयारी की शुरुआत से अंत तक एकदम अलग पर्सनेलिटी बन चुके होगे. वर्जीत वालिया इस बारे में आगे कहते हैं कि  यूपीएससी की तैयारी के लिए सदैव अपने मन की सुने और किसी की बातों में न आएं और अपना ऑप्शनल चुनने में कभी भी जल्दबाजी न करें.

पहला एक महीना परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी चीज जान-समझ लें उसके बाद अपने ऑप्शलन का चुनाव सबसे अंत में करें. इस प्रकार से ऑप्शनल सब्जेक्ट चुनने से आपको अपने निर्णय पर आगे चलकर पछतावा नहीं होगा.

अगर आपके पूरे प्रयास के बावजूद भी आपका सेलेक्शन नहीं होता है तो यह देखें कि आपसे तैयारी के दौरान कहां पर गलती रह गई है अपनी गलती को पहचान कर उसे जल्द ही दूर करें.

यूएसपीसी की तैयारी के दौरान जहां तक हो सके वहाँ तक निराशावादी लोगों से दूर रहें ऐसे लोग जो हर बात पर यही कहते हैं कि इसका तो कुछ हो ही नहीं सकता ये तो सालों से यूपीएससी की तैयारी कर रहा है या कर रही है.

आपको अपने सपने ओर तैयारी को लेकर मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रखनी चाहिए, बाकी के लोग क्या कहेंगे इससे आपको किसी भी प्रकार से फर्क नहीं पड़ना चाहिए.

इस परीक्षा के लिए मेंटल स्टेबिलिटी भी बहुत जरूरी है क्योंकि यूपीएससी की जर्नी के दौरान कई बार सफलता मिलने में सालूँ लग जाते है ऐसी स्थिति में असफलता के कारण होने वाला प्रेशर हर किसी को झेलना पड़ता है.

अपनी चार सालों की तियारी के दौरान वर्ज़ीत वालिया उस पड़ाव पर आ गए थे जहां पर वे चयनित हों या न हों उन्हें इस बात से किसी प्रकार का कोई भी फर्क नहीं पड़ता था क्योंकि वे जानते थे कि उन्होंने अपने प्रयास में कहीं भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी है.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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