IFS MUSKAN JINDAL : बचपन से IAS बनने की चाहत को पहले प्रयास में ऐसे पूरा किया

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IFS MUSKAN JINDAL

हार क्या है, किंचित भयभीत न हो जीत पे तेरे दुश्मन भी नाचेंगे।

Success Story Of IFS Muskan Jindal : यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करना ही अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, ऐसे में भी अगर कोई अपने पहले प्रयास में ही यह परीक्षा पास कर लें, ओर उस पहले प्रयास में भी टॉप भी कर ले तो वह उपलब्धित ओर भी बड़ी हो जाती है.

कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश की रहने वाली मुस्कान जिंदल (IFS MUSKAN JINDAL) ने. मुस्कान ने साल 2019 की परीक्षा में अपने पहले प्रयास में 87वीं रैंक प्राप्त करते हुए यह सफलता हासिल की है.

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IFS MUSKAN JINDAL का बचपन ओर शिक्षा (Education)

मुस्कान जिंदल का जन्म हिमाचल प्रदेश जैसे खूबसूरत राज्य के सोलन ज़िले में हुआ. मुस्कान जिंदल अपने बचपन से ही हमेशा सिविल सेवा के क्षेत्र में आना चाहती थी इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई की दिशा को शुरू से ही उस तरफ़ ही रखा ताकि उन्हें आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी में उसका फायदा मिले.

उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई सोलन के बिद्दी से ही हुई जहां से उन्होंने क्लास 12 तक की पढ़ाईं पूरी की. इसके बाद उन्होंने एसडी कॉलेज चंडीगढ़ से बी.कॉम ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की और ग्रेजुएशन लास्ट ईयर से ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए चार-पाँच घंटे का समय निकालकर अपनी पूरी मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी करने लगी थी.

जब उनका ग्रेजुएशन पूरा हुआ, तब उस उस समय उनकी उम्र कम थी और दूसरी और उन्हें यूपीएससी की अच्छे से तैयारी भी करनी थी. इस कारण से उन्होंने एक साल का ब्रेक लेते हुए दिन-रात पढ़ाई करने में जुट गईं. आइए मुस्कान जिंदल से जानते है कि उन्होंने कैसे इस परीक्षा में पहली बार में सफलता प्राप्त की.

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दूसरों से अपनी तुलना न करे 

मुस्कान जिंदल का कहना है कि आप कभी भी दूसरे स्टूडेंट के साथ अपनी तुलना न करे क्योंकि हर व्यक्ति की क्षमता ओर कमजोरी अलग-अलग होती है. जब उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की तो कभी भी खुद की तुलना उन स्टूडेंट के साथ नहीं की जो कई सालों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या जो उनसे ज्यादा आगे निकल चुके हैं.

वे कहती हैं उन्होंने हमेशा खुद पर अपना भरोसा बनाए रखा और यह मानकर चली कि किसी और व्यक्ति का तो नहीं पता पर वे अपने पहले प्रयास में यह परीक्षा आसानी से क्रैक कर सकती हैं और अपने द्वारा बनाए हुए नोट्स ओर पढ़ी हुई किताबों आदि को भी किसी से भी कम नहीं समझा.

वे यूपीएससी की तैयारी के लिए एक बात दोहराती हैं कि तैयारी के लिए नंबर ऑफ रिर्सोस सीमित रखें परंतु उन्हें बार-बार रिवाइज ज़रूर करें. यहां तक की वे अपनी सफलता का क्रेडिट भी बार-बार के रिवीजन को देती हैं.

उन्होंने अपनी किताबें बिलकुल सीमित रखीं परंतु उन्हें बार-बार पढ़ा. उन्होंने यूपीएससी के शुरुआत में में प्री और मेन्स की तैयारी इंटीग्रेटेड की परंतु जब प्री में केवल दो महीने शेष रह गए तो सिर्फ प्री की तैयारी करना शुरू कर दिया.

मुस्कान जिंदल करंट अफ़ेयर्स की तैयारी के लिए न्यूज पेपर हमेशा से पढ़ती आई हैं ओर जब से उन्होंने अपनी यूपीएससी की तैयारी शुरू की तो इस और अधिक ध्यान देने लगी. करेंट अफेयर्स के लिए वे ऑनलाइन उपलब्ध कंपाइलेशन पर अधिक भरोसा करती थी और उन्हीं की सहायता से इसकी तैयारी करती थी.

मुस्कान जिंदने ने प्री के फैक्ट्स और फिगर्स को मेन्स में आंसर लिखने के लिए इस्तेमाल करने के हिसाब से तैयार किया और आंसर्स को हमेशा रिलेट करते हुए तैयारी करती थी कि कैसे इस फैक्ट को आंसर लिखने में इस्तेमाल किया जा सकता है.

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तैयारी के बीच में ब्रेक है जरुरी  

मुस्कान जिंदल कहती हैं कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए अधिक समय पढ़ने से ज़्यादा जरुरी है पढ़ाई में कंसीसटेंसी. इस परीक्षा की तैयारी की अवधि अधिक होती है ऐसे में हर दिन खुद को मोटिवेट करना होता है ताकि कभी भी आपके मन में यह ख्याल न आए कि आज पढ़ने का मन नहीं है.

हालांकी ऐसा करना कभी भी आसान नहीं होता परंतु सफलता प्राप्त करने के लिए आपको ऐसा करना ही पड़ता है. खुद को बहुत समझाने के बावजूद भी कभी अगर ऐसे पल आएं जब लगे कि आज पढ़ाई में बिलकुल भी मन नहीं लग रहा है तो उस स्थिति में खुद के साथ कभी भी जबरदस्ती न करें और जो भी आपकी हॉबीज हों, उनके लिए उस दिन का समय निकालें.

इस प्रकार से यह ब्रेक आपको न केवल रिफ्रेश कर देंगे बल्कि आप अगले दिन और भी अधिक अच्छे से पढ़ने के लिए मोटिवेट भी हो जाओगे.

सोशल मीडिया के इस्तेमाल करने के बारे में ज़्यादातर टॉपर्स का कहना है की इनसे दूरी बनाए हुए रखे तो बेहतर है किंतु इस बारे में मुस्कान के विचार उन सबसे बिल्कुल अलग हैं. वे कहती हैं मैंने अपनी यूपीएससी की पूरी तैयारी के दौरान फोन सदैव अपने पास रखा.

हालांकी इसके बावजूद भी मुस्कान को लगता है कि किसी भी व्यक्ति में इतना सेल्फ कंट्रोल तो होना ही चाहिए कि जब तक उसके लिए जरूरी न हो, वह फोन को न छुए.

तैयारी के लिए ऑनलाइन रिर्सोस का इस्तेमाल करते समय भी यही बात लागू होती है क्योंकि टेस्ट सीरीज या सेक्शनल टेस्ट जो कुछ भी मुस्कान ने दिए थे उनके लिए कैंडिडेट को ऑनलाइन तो आना ही होगा.

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NCERT और स्टैंडर्ड बुक्स से करे तैयारी 

अपने यूपीएससी की तैयारी के लिए रिर्सोसेस को लेकर मुस्कान की राय बहुत पहले ही बिल्कुल साफ थी कि उन्हें तैयारी के लिए किताबें सीमित रखनी है.

उन्होंने तैयारी के दौरान अपना बेस मज़बूत करने ओर कॉन्सेप्ट क्लीयर करने के लिए एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें कई बार पढ़ी. UPSC की तैयारी के दौरान कुछ विषय तो ऐसे थे जिनमें केवल इन किताबों को ही तैयारी के लिए कंसल्ट किया गया था.

एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें पढ़ने के बाद वे स्टैंडर्ड बुक्स पर आती थी और उन्हें पढ़ने के बाद कही जाकर टेस्ट पेपर सॉल्व करती थी और इस दौरान यह देखती थी कि उनके द्वारा तैयारी किया गया एरिया किस हद तक तैयार है. इसके लिए वे सेक्शनल टेस्ट देती थी. आंसर्स देने के बाद वे उन्हें एनालाइज करती थी और अपनी गलतियों को दूर करती थी.

जहां तक बात आंसर राइटिंग की प्रेक्टिस की है तो मुस्कान सबसे पहले रफ आंसर लिखती थीं फिर उन्हें फेयर करती थी ताकि वे सही से उत्तर लिखने का तरीका सीख सकें. इस प्रकार से तैयारी करते हुए एक महीने में ही वे अच्छे से आंसर लिखना सीख गई थीं.

बात निबंध की करें तो वे इसके लिए अधिक से अधिक प्रैक्टिस को महत्व देती हैं. निबंध की प्रेक्टिस के लिए उन्होंने कुछ कॉमन विषयों से टॉपिक्स तैयार करके रखे थे ताकि पेपर के समय उन्हें बहुत ज़्यादा दिक्कत न हो.

मुस्कान यूपीएससी के इंटरव्यू में सफलता का एक ही मूल मंत्र मानती हैं कि कभी भी झूठ न बोलें और इंटरव्यू के दौरान सदैव बैलेंस्ड रहें. इन सब छोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान अगर आप ध्यान रख पाए तो आप भी पहली बार में ही सफल हो सकते हैं.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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