AMAZING FACTS : सर्दियों में होने वाली जानलेवा कंपकंपी क्‍या होती है? इसके कारण शरीर के कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं

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AMAZING FACTS : सर्दियों में थोड़ी कंपकंपी लगना तो साधारण है. लेकिन जब आपको सर्दी जरूरत से ज्‍यादा महसूस होने लगे, ओर सांस लेने में दिक्‍कत हो और शरीर बेसुध होना शुरू हो जाए तो यह इमरजेंसी की स्‍थ‍िति है. विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को हाइपोथर्मिया कहते हैं. जानिए इससे कैसे बचें…

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सर्दियों के मौसम में थोड़ी कंपकंपी लगना तो कॉमन है. लेकिन जब सर्दी जरूरत से ज्‍यादा महसूस होने लगे, ओर व्यक्ति को सांस लेने में दिक्‍कत हो और उसका शरीर बेसुध होना शुरू हो जाए तो यह इमरजेंसी की स्‍थ‍िति है. विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को हाइपोथर्मिया कहते हैं. यह स्थिति जानलेवा हो सकती है क्‍योंकि शरीर के कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं.

हाइपोथर्मिया से बचने से पहले आपका यह समझना जरूरी है कि हाइपोथर्मिया की स्थिति बनती कैसे है, आप इस स्थिति को कैसे पहचानें और इससे कैसे बचें ? आइए जानते है इन सवालों के जवाब…

व्यक्ति को कंपकंपी क्‍यों लगती है, पहले इसे समझिए?

एक सामान्य इंसान के शरीर का सामान्‍य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है, लेकिन ठंड अधिक बढ़ने के कारण शरीर अपनी गर्माहट को तेजी से खोने लगता है. इसके नतीजतन, शरीर का तापमान औसत से नीचे गिर जाता है, इस स्थिति को ही हाइपोथर्मिया कहते हैं. यही वजह है कि सर्दी में शरीर को खासतौर पर सिर, कान और गर्दन को कवर करने की सलाह दी जाती है.

सर्दी पर हुए सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर का तापमान अधिक गिरने पर व्यक्ति के लिए कंपकंपी की स्थिति बनती है. इसके अलावा सर्दी से धीरे-धीरे हार्ट, नर्वस सिस्‍टम और दूसरे अंग ठीक से काम नहीं कर पाते. ऐसे में अगर व्यक्ति का समय से इलाज नही होने पर ये अंग पूरी तरह से काम करना बंद कर सकते हैं और मौत हो सकती है.

किस परिस्थिति से जाने की आप हाइपोथर्मिया से जूझ रहे हैं

सीधे तौर पर हमारा शरीर सर्दी या सर्द हवाओं के सम्‍पर्क में आने से इसका खतरा बढ़ाता है. हाइपोथर्मिया का सबसे ज्‍यादा खतरा बुजुर्गों, बच्‍चों, शरीर में कमजोरी से जूझने वाले लोगों के साथ मानसिक रोगियों को रहता है. शरीर का तापमान अधिक गिरने पर व्यक्ति को कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. जैसे- शरीर ठंडा पड़ना, अधिक कंपकंपी लगना, हृदय गति कम होना और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखते हैं. अगर किसी इंसान में ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो उसे तुरंत डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करने की जरूरत है. ऐसे मामलों में शरीर का तापमान सामान्‍य करने की कोशिश की जाती है.

ऐसे करें बचाव हाइपोथर्मिया से

  • – शरीर को अच्‍छी तरह से कवर करें. खासतौर पर आपके कान, गर्दन और हाथों-पैरों को.
  • – ऐसी एक्‍ट‍िविटीज करने से बचें जिसमें अध‍िक पसीना आता हो, इससे शरीर का तापमान गिरता है.
  • – सर्दी में हल्‍के और कई लेयर वाले कपड़े पहनें. ये ऐसे होने चाहिए जो हवा को सीधेतौर पर शरीर में पहुंचने से रोक सकें.
  • – नमीं वाले कपड़े पहनने से बचें और बाहर निकल रहे हैं तो जूतें और दस्‍तानों का इस्‍तेमाल जरूर करें.
  • – सर्दियों में बुजुर्गों और छोटे बच्‍चों को ज्‍यादा देर तक बाहर न रहने दें. इसके अलावा खाने में गर्म तासीर वाली चीजें दें.
  • – सूप, चाय और मोटे अनाज को खाने में खामिल करें,  ये शरीर में गर्माहट लाते हैं और सर्दी के असर को कम करते हैं.
  • – शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ाने वाली चीजें जैसे- शहद, अदरक, हल्‍दी, तुलसी और गुड़ को भी अपने खानपान में शामिल करें.

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