Millets Health Benefits: गेहूं और चावल से बहुत ज्यादा हेल्दी हैं ये मोटे अनाज, खाने पर मिलेंगे फायदे ही फायदे

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Millets Health Benefits: हमारे हर रोज के भोजन में अधिकतर गेंहू और चावल की अधिकता देखने को मिलती है किन्तु आज हम आपको मोटे अनाज जैसे कुटकी, कोदो, ज्वार, बाजरा, कंगनी, चीना, रागी और कुट्टू जैसे अनाज और उनके फायदे के बारे में बताने जा रहे है। मोटे अनाज ग्लूटेन फ्री होते हैं और हमारे शरीर के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होते हैं।

मोटे अनाज के अनगिनत फायदों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को ईयर ऑफ मिलेट घोषित किया है। इसी के साथ इसके वैज्ञानिक पहलू को देखते हुए इन्हें सुपरफूड की कैटेगरी में भी शामिल किया गया है।

मोटे अनाजों की कैटेगरी में रागी एक पॉपुलर अनाज है। रागी में बहुत अधिक मात्रा में कैल्शियम और पोटैशियम पाया जाता है। इसी के साथ इसमें डाइट्री फाइबर भी बहुत अधिक मात्रा में होता है। कुछ रिसर्च में यह दावा भी किया गया है कि यह ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत कर व्यक्ति की इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करता है।

इसी के साथ रागी व्यक्ति में कैंसर के जोखिम को भी कम करने में महत्वपूर्ण माना जाता है। रागी हृदय रोग, शरीर में सूजन, एजिंग प्रॉब्लम, गठिया से जुड़ी समस्या और स्तन कैंसर जैसे रोगों से बचाने में भी मदद करता है।

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कंगनी और कुटकी के फायदे

कंगनी को अंग्रेजी में फॉक्सटेल मिलेट के रूप में पहचाना जाता है। इसमें विटामिन बी माइक्रोन्यूट्रेंट्स होता है जो व्यक्ति को न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से बचाने में मददगार होता है। खासतौर पर यह अल्जाइमर और पर्किंसन जैसी बीमारी के खतरे से व्यक्ति को बचाने में काफी हद तक कारगर है।

कुटकी में मैग्नीशियम बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो व्यक्ति की हार्ट की हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। दरअसल, यह हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है।

कोदा और बाजरा के फायदे

कोदा में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स तत्वों की भरमार होती हैं, इनका कार्य व्यक्ति के ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने का होता हैं। इसमें एंटी-एलर्जिक गुण होने के कारण यह आपको सभी तरह के बॉडी इन्फेक्शन से बचाने का कार्य करता हैं।

बाजरे में बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन, फॉलेट, आयरन, मैग्नीशियम, फैट, फाइबर, सोडियम, थियामिन, नियामिन, फॉस्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं। डाइट्री फाइबर अधिकता के कारण बाजरे से हमें वजन कम करने में भी मदद मिलती है इसी के साथ यह हेयर, स्किन और नेल्स की हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद है।

बाजरा हमारे शरीर को अंदर से गर्म बनाए रखता है, इसलिए बाजरे को सर्दियों के लिए बेस्ट फूड माना जाता है।

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मोटे अनाज की नैचुरल पैदावार होने के कारण है हेल्दी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना हैं कि धान और गेहूं से तुलना करे तो मोटे अनाज के उत्पादन में पानी आवश्यकता बहुत कम होती है। इसके अलावा इनकी खेती में यूरिया और दूसरे प्रकार के रासायनिक पदार्थो की आवश्यकता नहीं होती है इसलिए इन्हे हेल्थ के लिए बेहतर माना गया है। मोटे अनाज प्राकृतिक तरीके से ग्रो होते हैं। इनमें पाई जाने वाली कैलोरी की मात्रा भी दूसरे अनाजों की तुलना में कम होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाजों को कम खाने से ही हमारा पेट भर जाता है। इनमें कैल्शियम बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इनके अमीनो एसिड से बने होने के कारण इनकी गुणवत्ता गेहूं और चावल में पाए जाने वाले प्रोटीन से बेहतर होती है।

प्रतिदिन कितना मोटा अनाज लें?

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट्स रिसर्च (IIMR) का कहना है कि प्रतिदिन 100-200 ग्राम मोटा अनाज मानव शरीर के लिए पर्याप्त होता है। इसमें पाया जाने वाला ट्रिप्टोफेन नाम का अमीनो एसिड व्यक्ति की भूख को कम कर हमारे वजन नियंत्रित करने में मदद करता है।

आप किसी भी प्रकार का मोटा अनाज क्यों न खाएं, इसकी वजह से आपका वेट नहीं बढ़ेगा। इसके पीछे का कारण यह है कि इसमें मौजूद फाइबर हमारे पेट को लंबे समय तक भरकर रखते है।

इन्हे नहीं खाना चाहिए मोटा अनाज?

अगर आप किडनी के मरीज हैं, तो उस स्थिति में आप ज्वार एवं बाजरा न खाएं क्योंकि इनमें पोटेशियम अधिक मात्रा में होता है, जो आपके शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

ऐसे व्यक्ति जिन्हे जोड़ो का दर्द रहता है, उस स्थिति में आप मोटे अनाज न खाएं क्योंकि यह व्यक्ति के शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ाते हैं।

लो ब्लड प्रेशर की समस्या वाले व्यक्ति ज्वार न खाए क्योंकि यह आपकी बॉडी में सोडियम को कम कर देते हैं।

जिन लोगों को पथरी की समस्या है, उन्हें रागी खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि रागी हमारे शरीर में ऑक्सालिट एसिड को बढ़ाता है, जिससे किडनी में स्टोन (पथरी) बन जाती है।

मोटे अनाज में गोइट्रोजेन्स पाया जाता है जो भोजन बनाने के दौरान आयोडीन को एब्जॉर्ब होने से रोकता है। ऐसे में अगर आप हाइपो थाइरॉयड के मरीज है तो इसे अवॉइड करें।

डिस्क्लेमर : यह लेख सिर्फ आपको सामान्य जानकारी देने के लिए है। यह किसी भी प्रकार से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए आप हमेशा सबसे पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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