IAS GANESH KUMAR BHASKAR : नौकरी के साथ परीक्षा देते हुए दूसरे प्रयास में बने UPSC TOPPER

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IAS GANESH KUMAR BHASKAR

“जो रातों को कोशिशों में गंवा देते हैं, वहीं सपनों की चिंगारी को और हवा देते हैं..”

Success Story Of IAS Ganesh Kumar Bhasker : यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक माना जाता है ओर इस परीक्षा को पास करने के लिए कई स्टूडेंट तो सालो तैयारी करते है किंतु उसके बावजूद भी उन्हें सफलता नही मिलती.

गणेश कुमार भास्कर (IAS GANESH KUMAR BHASKAR) को यूपीएससी सीएसई (UPSC-CSE) परीक्षा 2019 में अपने दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त हुई. गणेश कुमार भास्कर ने यह सफलता बिना कोचिंग के अपनी नौकरी के साथ तैयारी करते हुए प्राप्त की है.

उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए अंतिम के कुछ महीनों में तीन महीने के लिए नौकरी नहीं की इसके अलावा क़रीब ढ़ाई साल तक उन्होंने हमेशा अपनी नौकरी के साथ ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की.

गणेश कुमार भास्कर ने दूसरे स्टूडेंट से अलग सामान्य दिनो में सिर्फ़ चार घंटे और वीकेंड्स में दस से बारह घंटे पढ़ाई की. क्योंकि सामान्य दिनों में उन्हें नौकरी करने के कारण दिन में चार घंटे से अधिक का समय पढ़ाई के लिए नहीं मिल पाता था.

यह उन कैंडिडेट्स के लिए प्रेरणादायक हो सकती है जिन्हें लगता है कि यूपीएससी परीक्षा को पास करने के लिए दिन-रात एक करते हुए पढ़ाई करनी पड़ती है. लेकिन इसे पहले भी बहुत सारे कैंडिडेट्स ने मिथ साबित करके हैं. गणेश कुमार भास्कर भी उन्हीं में से एक हैं. आज कि सक्सेस स्टोरी में जानते हैं कैसे उन्होंने नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी की…

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IAS GANESH KUMAR BHASKAR

IAS GANESH KUMAR BHASKAR का जीवन परिचय

गणेश कुमार भास्कर बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे और यूपीएससी सीएसई (UPSC-CSE) परीक्षा को पास करने से पूर्व भी उन्होंने काफी पढ़ाई की है. गणेश कुमार भास्कर ने आईआईटी (IIT) कानपुर से बीटेक कम्प्लीट किया और उसके बाद आईआईएम (IIM) अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री ली.

आप यह तो जानते ही होगे की ये दोनों ही क्षेत्र ही अपने आप में श्रेष्ठ हैं और यहां पर चयनित होने के लिए किसी भी स्टूडेंट को बहुत कठिन परिश्रम करना पड़ता है पर गणेश ने दोनों ही आसानी के साथ पास किए. एमबीए करने के बाद वे एक अच्छी कंपनी में नौकरी करने लगे. नौकरी करने के दौरान ही उनके साथ कुछ ऐसी घटनायें घटी जिसकी वजह से उन्हें यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी करने का ख्याल आया और उन्होंने अपनी नौकरी के साथ ही यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

गणेश कुमार भास्कर अपने यूपीएससी (UPSC) परीक्षा के पहले प्रयास में प्री परीक्षा भी पास नहीं कर पाए. इससे वे इतने अधिक निराश हुए की करीब तीन महीने तक पढ़ाई ही नहीं कर पाए. हालांकि गणेश को इस सदमे से उभरने में समय लगा किंतु एक बार निराशा से उबरने के बाद उन्होंने एक बार फिर से यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपनी पिछली गलतियों पर फोकस करने के साथ उन्हें दूर किया. अंततः उन्हें उनकी मेहनत का फल मिला और साल 2019 में वे यूपीएससी (यूपीएससी) की परीक्षा में 07वीं रैंक के साथ सेलेक्ट हो गए.

पहले प्रयास के दौरान की गई ग़लतियाँ

गणेश कुमार भास्कर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्होंने यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी के दौरान पहले प्रयास में प्री परीक्षा को कुछ ज्यादा ही लाइकली ले लिया था और इस वजह से उन्होंने अपना पूरा ध्यान सिर्फ़ मेन्स परीक्षा की परीक्षा पर लगाया था. उन्हें उस समय ऐसा लगता था कि प्री में सिर्फ़ क्वालीफाइंग अंक लाने हैं और इतना तो वे आसानी से मैनेज कर ही लेंगे.

पहले प्रयास के दौरान उनकी तैयारी का पूरा फोकस मेन्स पर था. इसके कारण गणेश कुमार भास्कर ने सिर्फ़ दस या पन्द्रह दिन ही प्री की तैयारी की थी और जब रिजल्ट आया तो वे कुछ अंकों से प्री परीक्षा को पास करने से रह गए. उस असफलता के बाद उनको अपनी उस गलती का अहसास हुआ कि वे यूपीएससी प्री परीक्षा को जितना ज़्यादा आसान समझ रहे थे वह उतना आसान नहीं है.

गणेश कुमार भास्कर ने अपने दूसरे प्रयास के दौरान अपनी उस गलती को सुधारा और अगले अटेम्पट में करीब डेढ़ महीने सिर्फ़ यूपीएससी (UPSC) प्री परीक्षा की तैयारी की और उसका नतीजा यह हुआ कि इस बार उनका प्री परीक्षा में सेलेक्शन आसानी से हो गया.

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स्वयं मूल्यांकन के लिए दिए मॉक टेस्ट

गणेश कुमार भास्कर अपनी यूपीएससी (UPSC) की तैयारी में मॉक टेस्ट्स के अलावा पिछले साल के प्रश्न-पत्रों को भी बहुत अधिक महत्व देते हैं. वे कहते हैं कि यूपीएससी (UPSC) परीक्षा के अपने दूसरे प्रयास के दौरान उन्होंने परीक्षा के पहले कम से कम पचास मॉक टेस्ट दिए थे.

यही तरीका उन्होंने मेन्स परीक्षा की तैयारी के लिए भी अपनाया और तैयारी पूरी होते ही अपनी तैयारी को परखने के लिए अधिक से अधिक मात्रा में अभ्यास किया यानी मॉक टेस्ट दिए. उन्हें कहीं भी कुछ भी समझ नहीं आता था तो वे अपने उस डाउट को हल करने के लिए पिछले साल के पेपर देखते थे इससे उन्हें अपना उत्तर मिल जाता.

गणेश कुमार भास्कर की यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी पर ही बेस्ड है उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की कोचिंग नहीं ली. वे कोचिंग को समय के साथ पैसे की भी बर्बादी मानते हैं. किंतु तैयारी पूरी करने के बाद जब अंत में टेस्ट सीरीज का नंबर आया तब उन्होंने कुछ समय कोचिंग में जाकर टेस्ट ज़रूर दिए थे.

नौकरी करने के साथ गणेश यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी के लिए एक दिन में अधिकतम चार घंटे तक ही पढ़ पाते थे और उनके अनुसार अगर सही तरीक़े से तैयारी की जाए और स्टडी मैटीरियल को सीमित रखा जाए तो इतना समय तैयारी के लिए पर्याप्त है. वीकेंड्स के दौरान मिले हुए समय का वे पूरा फायदा उठाते थे और दस से बारह घंटे पढ़ाई करते थे.

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IAS GANESH कुमार भास्कर की यूपीएससी केंडिडेट के लिए सलाह –

गणेश कुमार भास्कर कहते हैं कि जिन स्टूडेंट के पास समय की कमी रहती है उन्हें पहले अपना समय लिमिटेड स्टडी मैटीरियल इकट्ठा करने में खर्च करना चाहिए. अगर आप तैयारी के लिए बहुत सारे सोर्स रखेंगे तो कभी समय से तैयारी खत्म नहीं कर पाएंगे. गणेश ने भी अपनी यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी के दौरान यही किया.

गणेश कुमार भास्कर ने तैयारी के लिए जो जरूरी है इसके साथ उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिया की क्या जरूरी नहीं है इसी तरह से गणेश कुमार भास्कर ने कभी भी न्यूज पेपर पढ़ने पर भी बहुत ज़्यादा समय नहीं खर्च किया. वे कहते हैं कि मैं हफ्ते के आखिरी दिन पूरे हफ्ते के पेपर लेकर बैठता था और करीब दो घंटे में एक सरसरी निगाह उन सभी पेपर पर डाल लेता था.

बहुत सी कोचिंग्स के जो मंथली कंपाइलेशन आते हैं गणेश कुमार भास्कर तैयारी के लिए उनका इस्तेमाल करते थे और इस प्रकार से उन्होंने अपनी करेंट अफेयर्स की तैयारी की. जहां तक बात अंतिम के तीन महीनों में जॉब छोड़ने की थी तो गणेश कुमार भास्कर इस बारे में कहते हैं कि उन्होंने नौकरी इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें नौकरी के दौरान आए दिन विदेश जाना पड़ता था जिससे उनका बहुत अधिक समय वेस्ट हो जाता था.

इन कारणों की वजह से उन्होने कुछ दिनों के लिए नौकरी छोड़ दी थी. गणेश कुमार भास्कर यूपीएससी की तैयारी कर रहे दूसरे कैंडिडेट्स को यही सलाह देते हैं कि अगर सेलेक्टिव स्टडी करने के साथ सदैव टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखेंगे तो नौकरी करने के साथ भी इस परीक्षा की तैयारी की जा सकती है.

आपकी मेहनत और धैर्य दोनो ही आपकी सफलता के लिए बहुत आवश्यक हैं, इसी के साथ ही आपको अपनी कमियों को लगातार दूर करने की क्षमता भी अपने अंदर विकसित करनी चाहिए. अगर आप इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो यूपीएससी की परीक्षा में जरूर सफल होंगे.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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