LOKENDRA RANAWAT : 4 दोस्तों ने 5 लाख से अपने आयडिया पर शुरुआत करते हुए दो साल के भीतर कैसे की 60 करोड़ रुपए की कमाई

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“अगर जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो मेहनत पर विश्वास करें! किस्मत की आजमाईश तो जुए में होती हैं..”

SUCCESS STORY OF LOKENDRA RANAWAT : हर व्यक्ति की किसी भी चीज को देखने ओर परखने की क्षमता अलग-अलग होती है. व्यक्ति के अंदर यह स्वाभाविक गुण होता है कि वह हमेशा सुंदरता की तरफ खिंचा चला जाता हैं, चाहे वह वस्तु सजीव व्यक्ति हो या फिर कोई निर्जीव वस्तु.

जब भी कोई व्यक्ति अपना एक घर बनाता हैं तो उसे सबसे पहली चीज़ जो अपने घर के लिए जरूरी लगती वह है फर्नीचर. हर व्यक्ति की इस मामले में पसंद अलग-अलग हो सकती है ओर सभी के दिमाग में अपने पसंद के फर्नीचर की छवि उभर आती है.

किंतु पूर्ण रूप से आधुनिक होने के बावजूद भी गिलहाल बाजार में कस्टम-मेड फर्नीचर का बिज़नेस उस तरीक़े से विकसित नहीं हुआ है जैसा कि उसे होना चाहिए. जब भी कोई व्यक्ति किसी घर में अलग प्रकार का फ़र्निचर देखता है तो वह उसे आकर्षित करता है ओर वह अपने घर में भी ऐसे ही फ़र्निचर के होने की कल्पना करता है.

इन सभी चीजों को एक व्यक्ति ने पहचाना ओर उनका नाम है लोकेन्द्र राणावत (LOKENDRA RANAWAT). लोकेन्द्र राणावत जो कि वुडन-स्ट्रीट के सीईओ हैं, उन्होंने अपने को-फाउंडर्स के साथ मिलकर इस दिशा में बहुत अधिक गहन शोध किया और उसके बाद ऑनलाइन कस्टमाइज़्ड फर्नीचर फर्म की शुरूआत की.

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LOKENDRA RANAWAT का जीवन परिचय

लोकेन्द्र राणावत का जन्म राजस्थान के उदयपुर शहर में हुआ. उनके पिता एक नौसेना अधिकारी थे और उनकी माता गृहिणी थीं. उनके पिता की नौसेना में नौकरी होने के कारण बार-बार के होने वाले ट्रांसफर की वजह से उन्हें भी बार-बार अपना स्कूल बदलना पड़ता था.

लोकेंद्र राणावत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बैचलर की डिग्री जयपुर से ली और सेल्स तथा मार्केटिंग में एमबीए का कोर्स आईटीएम गाज़ियाबाद से पूरा किया. लोकेंद्र राणावत शुरू से ही एक साधारण विद्यार्थी थे लेकिन इसके बावजूद उनमें हमेशा से ही आगे बढ़ने का जुनून था और इसलिए एक गुण की वजह से वे एक इंटरप्रेन्योर बन पाए.

“वुडन स्ट्रीट” (wooden street) की शुरुआत

लोकेंद्र राणावत ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपना खुद का बिज़नेस शुरू करने का निश्चय किया. वे इस दुनिया में भीड़ से हटकर कुछ अलग करना चाहते थे. उन्होंने इस बारे में बहुत विचार मंथन किया और उसके बाद वे अपने ही जैसे पसंद रखने वाले पाटनर्स की तलाश करने लगे.

उनकी यह तलाश दिनेश प्रताप सिंह, वीरेंदर राणावत और विकास बाहेती के रूप में पूरी हुई ओर उसके बाद चरो ने एक साथ मिलकर एक ऑनलाइन कस्टम-मेड फर्नीचर स्टोर शुरू करने का निर्णय लिया जिसका नाम उन्होंने “वूडन स्ट्रीट” (wooden street) रखा.

इन चारों के द्वारा शुरू की गई वूडन स्ट्रीट ने अपने ग्राहकों को कस्टम-मेड फर्नीचर के साथ-साथ उनके निर्देशानुसार फर्नीचर बनाने की सेवा प्रदान की. इसके साथ-साथ इनके द्वारा अपने कस्टमर को हाई-क्वालिटी हार्डवुड फर्नीचर की रेंज भी प्रदान की गई जिससे वे बहुत ही कम समय में उनके ग्राहकों की पहली पसंद बन गए.

जून 2015 में पांच लाख के इन्वेस्टमेंट से “वूडन स्ट्रीट” का शुभारंभ हुआ था ओर सिर्फ़ 18 महीने के अंतराल के बाद ही उनका लाभ 20 करोड़ तक पहुंच गया. वर्तमान समय में “वूडन स्ट्रीट” अपने देश भर में फैले ग्राहकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सभी प्रकार के फर्नीचर उपलब्ध कराते हैं.

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“वुडन स्ट्रीट” की सफलता का सफ़र

इनके द्वारा संचालित किए जा रहे इस बिज़नेस की सबसे बड़ी बाधा यह थी कि भारी-भरकम फर्नीचर को बिना किसी प्रकार की क्षति पहुँचाये आसानी से डिलीवर कैसे किया जाए. इस काम को अंजाम देने के लिए उन्हें काफ़ी प्रयास करने पड़े. परन्तु जब एक बार वे इस बाधा से बाहर निकल आये तब इनके सारे काम आसानी से होने लगे. वूडन स्ट्रीट के पास आज हर महीने 3 लाख के लगभग यूज़र्स हैं और ये महीने में लगभग 10,000 से अधिक ग्राहकों को अपनी सेवा प्रदान करते हैं.

“वूडन स्ट्रीट” के पास हर समय 2500 डिज़ाइन आसानी से उपलब्ध होते हैं इससे आसानी से लोग अपनी पसंद के फर्नीचर का चुनाव कर सकते हैं. और इसके अलावा अगर किन्ही ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार फर्नीचर बनाने होते हैं तो वे भी कस्टमर केयर से एप्रोच कर सकते है ओर कस्टमर केयर वाले उन्हें अपने आइडियाज दे देते हैं और इनके स्टाफ वाले उनके 3D मॉडल बनाकर भेज देते हैं. अगर ग्राहक को इनके द्वारा भेजा गया मॉडल पसंद आ जाता है तो वैसे ही फर्नीचर बनाकर ये अपने ग्राहक तक भेज देते है.

“वूडन स्ट्रीट” के न केवल ऑनलाइन बल्कि 25 से ज़्यादा स्टोर भी हैं जो बंगलुरु, मुंबई, पुणे और जयपुर जैसे बड़े-बड़े शहरों में अपनी सेवाए दे रहे हैं. इन्होंने अगले 12 महीनो में देश भर में 20 से अधिक स्टोर्स खोलने का लक्ष्य रखा है.

केवल 10 कर्मचारियों से शुरू किये गए इस बिज़नेस में अब 200 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं. “अगर किसी व्यक्ति में जोख़िम उठाने की ताकत के साथ-साथ कड़ी मेहनत और लगन के साथ अपने सपने पूरे करने का जज़्बा हो तो वह सफलता जरूर प्राप्त करता है” और इसे सिद्ध कर दिखाया है वूडन स्ट्रीट के फाउंडर लोकेन्द्र राणावत ने

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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