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IAS MUKUND THAKUR – बिहार के छोटे से क़स्बे का लड़का अपने पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त कर बना आईएएस अधिकारी

“यदि आप के इरादे बुलंद हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती है”

IAS MUKUND THAKUR SUCCESS STORY : आज हम अपनी आईएएस सक्सेस स्टोरी में बात कर रहे है बिहार के छोटे से गांव में रहने वाले आईएएस मुकुंद ठाकुर (IAS MUKUND THAKUR) की जिन्होंने मात्र 22 साल की आयु में वर्ष 2019 की यूपीएससी की परीक्षा को देश में 54वी रैंक हासिल करते हुए पास किया, यह उनका प्रथम प्रयास था. परीक्षा का रिजल्ट इसी वर्ष अगस्त माह में आया था.


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IAS MUKUND THAKUR

MUKUND THAKUR का आरंभिक जीवन – 

मुकुंद ठाकुर का जन्म बिहार प्रान्त के मधुबनी जिला के बाबूबरही प्रखंड में एक साधारण से परिवार में हुआ था. उनके पिता मनोज ठाकुर फार्मिंग का कार्य करने के साथ मेडिकल की दुकान भी चलाते हैं जबकि उनकी मां ममता देवी एक टीचर हैं.


मुकुंद ठाकुर का जीवन अभावो में गुजरा है जहा उनके पिता की किसानी (farming) से ज्यादा कमाई नहीं हो पाती थी, वे केवल अपने परिवार का गुजारा मात्र ही कर सकते थे. किसी भी प्रकार के ऐशो-आराम पर खर्च करने के लिए उन्हें सोचना पड़ता था. 

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मुकुंद ठाकुर के पिता पढाई के महत्व को जानते थे इसलिए उन्होंने कभी भी पैसो की कमी को अपने बच्चो के शिक्षा के आड़े नहीं आने दिया. उन्होंने शिक्षा के लिए मुकुंद को जब भी किसी चीज़ की जरुरत हुई उसे तुरंत उपलब्ध करवाई गयी. 


मुकुंद ठाकुर ने प्रारंभिक शिक्षा गांव की स्कूल से ही ग्रहण की उसके बाद पढाई में होशियार होने की वजह से उनका चयन “सैनिक स्कूल गोलपारा, असम” में हो गया इसके लिए वे आसाम चले गए और अपनी 12वी तक की पढाई पूरी की. 

12वी कक्षा में भी अच्छे मार्क्स आने से वे अपनी आगे ग्रैजुएशन की पढाई करने दिल्ली चले गए जहा उन्होंने “दिल्ली यूनिवर्सिटी” से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. मुकुंद ठाकुर ने अपनी कॉलेज की पढाई के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का निर्णय ले लिया था.


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मुकुंद ठाकुर की यूपीएससी की तैयारी –

अपनी 12 वी कक्षा में अच्छे मार्क्स आने के बाद से ही मुकुंद ठाकुर ने तय कर लिया था की उन्हें आगे चलकर यूपीएससी की परीक्षा देनी है. उनके इस इरादे को हवा दिल्ली में कॉलेज की पढाई के दौरान मिली, और इस दौरान अपनी पढाई जारी रखते हुए मुकुंद ठाकुर ने अपने सीनियर्स और अपने शिक्षकों से इस परीक्षा के बारे में जानकारी लेनी शुरू कर दी.


सारी जानकारी प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने अपनी तैयारी को भी शुरू कर दिया था वैसे तो उनको सफलता अपने पहले ही प्रयास में मिल गयी लेकिन इसकी तैयारी उन्होंने काफी समय पहले से स्टार्ट कर दी थी.

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यूपीएससी परीक्षा के लिए मुकुंद के टिप्स और स्ट्रेट्जी –


मुकुंद ठाकुर ने सारी जानकारी हासिल कर सबसे पहले सिलैबस को अच्छी तरह से देखा. वे बताते है की ज्यादातर युवा जो एक से अधिक बार असफल रहते है उसका सबसे प्रमुख कारण सिलैबस को ढंग से ना समझ पाना है. इसी के साथ ही उन्होंने प्री और मेंस दोनों के पेपर के लिए साथ में ही तैयारी शुरू कर दी थी.

मुकुंद ठाकुर इसमें भी वे टिप्स देते हुए कहते है की हमारा फोकस मेंस को क्लियर करने से पहले प्री को क्लियर करने का होना चाइये प्री क्लियर होने के बाद ही मेंस की बारी आएगी. वे बताते है की अक्सर उन्होंने देखा है की युवा यूपीएससी की तैयारी के दौरान मेंस परीक्षा को ज्यादा महत्त्व देते है इस वजह से उनका प्री भी क्लियर नहीं हो पाता है.


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मुकुंद ठाकुर साथ ही बताते है की जब भी मन में पहली बार इस परीक्षा का ख्याल आये तभी से जानकारी जुटाते हुए तैयारी को शुरू कर देना चाहिए. साथ ही अपने आप को मैनेज करते हुए कुछ टेक्निक का उपयोग करते हुए स्वयं को अपडेट रखना चाहिए तभी आप इतने विशाल कोर्स को बड़ी आसानी से पूरा कर पाएंगे. मुकुंद ठाकुर आगे बताते है की पढाई के दौरान कभी भी निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए.


अंत में मुकुंद ठाकुर की यूपीएससी की यह सफलता कम उम्र, पहला प्रयास और इतनी अच्छी रेंक के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ उनकी स्टडी प्लानिंग भी है.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके. 

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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