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Small Finance Bank और Payment Bank के नियमो में RBI ने किया बड़ा बदलाव, अकाउंट होल्डर पर पडेगा यह असर…

RBI NEW RULE : RBI के नए नियमो के अनुसार, पेमेंट बैंक (Payment Bank) पांच साल के सफल संचालन के बाद नए नियमो के तहत स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Bank) में कन्वर्ट होने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

Small Finance Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Bank) के नियमो में बड़ा बदलाव करते हुए न्यूनतम पूंजी जरूरत को बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया है.

इसी के साथ RBI ने पेमेंट बैंकों को एसएफबी (SFB) के रूप में काम करने की मंजूरी भी दे दी है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस समय कार्य कर रहे सभी स्मॉल फाइनेंस बैंक की कुल संपत्ति 200 करोड़ रुपये से अधिक है.

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Small Finance Bank

एसएफबी (SFB) में बदलने के लिए 100 करोड़ रुपये पूंजी की आवश्यकता

रिजर्व बैंक ने अपने संशोधित दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि स्वयं की इच्छा से एसएफबी में स्थानांतरित होने के इच्छुक प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (UCB) के पास न्यूनतम 100 करोड़ रुपये पूंजी की आवश्यकता होगी, इस पूंजी को UCB शुरू होने की तारीख से पांच साल के भीतर 200 करोड़ रुपये होना होगा.

Payment Bank शुरू होने के 5 साल बाद Small Finance Bank में कन्वर्ट हो सकेंगे

RBI के नए नियमो के अनुसार पेमेंट बैंक (Payment Bank) शुरू होने के पांच साल के सफल संचालन के बाद स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) में कन्वर्ट होने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

नई अधिसूचना के अनुसार, ‘परिचालन शुरू होने पर स्मॉल फाइनेंस बैंक को तुरंत ही शेड्यूल बैंक (Scheduled Banks) की मान्यता दी जाएगी. बैंकों को परिचालन शुरू होने की तारीख से ‘बैंकिंग आउटलेट’ खोलने की सामान्य अनुमति प्राप्त होगी.’

Fino Payments Bank ने SFB लाइसेंस के लिए किया आवेदन

फिनो पेमेंट्स बैंक (Fino Payments Bank) ने इस दौरान एक बयान जारी कर कहा कि उसने एसएफबी में बदलने पर तय दिशानिर्देशों के अनुसार एसएफबी लाइसेंस के लिए पहले से ही आवेदन कर दिया है. नियामक उनके द्वारा किये गए आवेदन की जांच कर रहा है और तय प्रक्रिया के अनुसार आरबीआई से आगे की टिप्पणियों का इंतजार है.

इससे पहले 27 नवंबर, 2014 को रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र में कार्यरत स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लाइसेंस के लिए नये दिशानिर्देश जारी किए थे.

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RBI के नए नियमों का प्रभाव

बैंक पूंजी की आवश्यकताओं में वृद्धि

पूंजी की आवश्यकता: अब स्माल फाइनेंस बैंको के लिए 200 करोड़ रुपये की न्यूनतम पूंजी आवश्यकता होगी
प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों (UCBs): RBI के नये नियमों के तहत इन बैंकों के लिए शुरुआती 100 करोड़ रुपये की पूंजी की जरूरत होगी, जिसे पांच साल के भीतर 200 करोड़ रुपये तक बढ़ाना होगा.

पेमेंट बैंकों के लिए नए अवसर

पेमेंट बैंकों का परिवर्तन: पेमेंट बैंक पांच साल के सफल संचालन के बाद SFBs में परिवर्तित हो सकते हैं.
शिड्यूल बैंक का दर्जा: एसएफबी बनने के तुरंत बाद इन्हें शिड्यूल बैंक का दर्जा मिलेगा.

फिनो पेमेंट्स बैंक ने की पहल

लाइसेंस के लिए किया आवेदन: फिनो पेमेंट्स बैंक ने पहले ही स्मॉल फाइनेंस बैंक के लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) के लिए न्यूनतम आवश्यक पूंजी को 200 करोड़ रुपये करने और पेमेंट बैंकों को SFB में परिवर्तित होने की अनुमति देने के निर्णय का इन बैंकों के ग्राहकों पर भी बहुत प्रभाव पड़ेगा.

आइए जानते है इन दोनों प्रकार के ग्राहकों पर पड़ने वाले प्रभाव को:

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Small Finance Bank के ग्राहकों पर प्रभाव

वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) में वृद्धि: न्यूनतम आवश्यक पूंजी में वृद्धि से SFBs वित्तीय रूप से अधिक मजबूत होंगे, जिससे इन बैंक के ग्राहकों को उनके द्वारा जमा धन की सुरक्षा की अधिक गारंटी मिलेगी.

सेवाएँ और उत्पाद होगा बेहतर: अधिक पूंजी के साथ, SFBs बैंक अब अपने कस्टमर को पहले से अधिक वित्तीय उत्पादों और सर्विस पेश कर सकते हैं, जैसे अधिक जमा दरें, बेहतर ऋण विकल्प, और उन्नत बैंकिंग तकनीक.

Banking Network में विस्तार: अधिक पूंजी के साथ, अब अधिक ब्रांच और ATM का विस्तार भी संभव होगा, जिससे वर्तमान ग्राहकों को खास रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अधिक सुविधा होगी.

Payment Bank के ग्राहकों पर प्रभाव

सेवाओं के विस्तार का अवसर: पेमेंट बैंकों के SFBs में कन्वर्ट होने से ग्राहकों को विस्तृत बैंकिंग सेवाएं, जैसे क्रेडिट सर्विस, जो वर्तमान समय में पेमेंट बैंकों द्वारा नहीं दी जाती हैं, इनका लाभ भी मिलने की संभावना है.

मौजूदा सेवाओं की निरंतरता: आने वाले समय में, पेमेंट बैंकों के कस्टमर छोटे बचत खाते, भुगतान और रेमिटेंस सेवाएं, और अन्य बेसिक बैंकिंग सेवाओ का आनंद ले सकेंगे.

पूर्ण बैंकिंग सेवाओं की संभावना: SFB में कन्वर्ट होने के बाद, मौजूदा कस्टमर को लोन और विभिन्न सेविंग स्कीम सहित पूर्ण बैंकिंग सेवाएं मिल सकती हैं.

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