IAS OM KANT THAKUR : तीन बार असफल होने के बावजूद नही मानी हार ओर अंत में कैसे बने IAS OFFICER

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IAS OM KANT THAKUR

अपनी कमी को सही करने वाला ही, दुनियां में शिखर पर होता है।“

Success Story Of IAS Om Kant Thakur : बिहार के रहने वाले ओम कांत ठाकुर (IAS OM KANT THAKUR) का यूपीएससी (UPSC) परीक्षा का सफ़र दूसरों से हर मामले में अलग ओर खास है क्योंकि उन्होंने इस परीक्षा के कुल चार अटेम्पट्स दिए, जिसमें से तीन अटेम्प्ट्स में वे लगातार सफल रहे.

ओम कांत ठाकुर का यूपीएससी के पहले प्रयास में चयन नहीं हुआ था परंतु उसके बाद के तीनों प्रयासों में वे यूपीएससी की परीक्षा में सेलेक्ट हुए परंतु हर बार रैंक सुधारने के लिए वे फिर से परीक्षा देते रहे. अंत में साल 2019 की यूपीएससी सीएसई परीक्षा में उन्हें उनके आशा के अनुरूप 52वीं रैंक मिली ओर उन्हें आईएएस ऑफ़िसर का पद अलॉट हुआ.

यूपीएससी की परीक्षा में इतनी ज़्यादा अनिश्चितता है की एक बार मेन्स या इंटरव्यू तक पहुंच जाने के बाद दोबारा प्री परीक्षा के भी पास करने की कोई गारंटी नहीं होती ऐसे में ओम कांत ठाकुर का लगातार तीन बार इस परीक्षा में सफल होना और सफल होने के बाद हर बार फिर से तैयारी करते हुए रिस्क लेने की हिम्मत करना अपने आप में बड़ी बात है.

आज की इस स्टोरी में जानते हैं उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी कैसे की ओर क्या सावधानियाँ रखी…

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IAS OM KANT THAKUR का जीवन परिचय

ओम कांत ठाकुर द्वारा दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई बिहार बोर्ड हिंदी मीडियम से सम्पन्न हई थी. हालांकि इसके बाद की स्कूलिंग और उसके बाद की उच्च शिक्षा उन्होंने अंग्रेजी माध्यम से की. ओम कांत ठाकुर ने एनआईटी पटना से कंप्यूटर साइंस में अपना ग्रेजुएशन कम्प्लीट किया हैं.

ग्रैजूएशन की डिग्री लेने के बाद उन्होंने कुछ समय तक नौकरी की परंतु नौकरी में उनका मन नहीं लगा. नौकरी करने के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने की योजना बनाई. वे नौकरी के साथ में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने लगे किंतु कुछ समय में ही उन्हें अहसास हो गया कि नौकरी के साथ तैयारी करने से न तो वे नौकरी ढ़ंग से कर पा rhe है ओर न तैयारी.

उन्होंने कुछ दिन सोच विचार करने के बाद अपनी नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने के लिए अपने बड़े भाई के पास दिल्ली आ गए. यहां आकर उन्होंने तैयारी करने के लिए कोचिंग ज्वॉइन की. वे इस बारे में मानते हैं कि कोचिंग से मदद तो मिलती है किंतु यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने में सबसे ज़्यादा हेल्प सेल्फ स्टडी ही करती है.

कोचिंग करने के बाद उन्होंने अपना पहला अटेम्पट 2016 में दिया किंतु इसमें वे सेलेक्ट नहीं हुए और उसके बाद उन्होंने कोचिंग छोड़ते हुए पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी में जुट गए. दूसरे प्रयास में ओम कांत ठाकुर सफल तो हुए परंतु उनकी रैंक आयी 396.

अपनी इस रैंक से वे खुश नहीं थे इसलिए उन्होंने एक बार फिर से परीक्षा दी. तीसरी बार में उनकी रैंक 252 आयी ओर उन्हें इंडियन ट्रेड सर्विस एलॉट हुई. इसके बाद उन्होंने एक बार फिर से प्रयास किया ओर अपने चौथे अटेम्पट में ओम को 52वीं रैंक के साथ आईएएस ऑफ़िसर का पद अलॉट हुआ.

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ऐसे करें यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की शुरुआत

ओम कांत ठाकुर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के बारे में कहते हैं कि कैंडिडेट्स के लिए जरूरी है कि वे किसी दूसरे की स्ट्रेटजी को आंख बंद करके फॉलो न करें बल्कि अपनी कमियों ओर स्ट्रेंथ को ध्यान में रखते हुए स्वयं की स्ट्रेटजी बनाएं. ओम कांत ठाकुर कहते है कि प्री की तैयारी की बात करें तो सबसे पहले यूपीएससी का सिलेबस अच्छे से देखें और उसके बाद एनसीईआरटी की किताबों के साथ-साथ थोड़ी-बहुत और किताबें ही पढ़ें.

प्री परीक्षा के लिए इससे ज्यादा किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं है परंतु इन्हें अच्छे से तैयार ज़रूर करें. तैयारी करने के बाद वे अगला जरूरी बिंदु मानते हैं टेस्ट पेपर्स को.

ओम कांत ठाकुर कहते हैं कि एक बार आपकी तैयारी ख़त्म हो जाने के बाद अपनी तैयारी के स्तर को परखने के लिए कम से कम 50 से 60 टेस्ट पेपर हल करें. आप टेस्ट पेपर बिलकुल टेस्ट जैसे माहौल में और टेस्ट के लिए तय की गई समय सीमा के अंदर ही सॉल्व करें.

यूपीएससी की परीक्षा में करेंट अफेयर्स का सबसे अहम रोल है इसलिए इसकी तैयारी में कमी न रखे ओर इसके लिए हर दिन डेढ़ से दो घंटे न्यूज़ पेपर ज़रूर पढ़े.

वे कहते हैं कि न्यूज़ पेपर पढ़ने से आपका ज़्यादातर करंट अफ़ेयर्स कवर हो जाता है. इसके साथ आप चाहे तो किसी भी कोचिंग की मंथली मैगजीन सब्सक्राइब कर लें ओर उसे भी पढ़ें.

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ओम कांत ठाकुर की यूपीएससी ऐस्पिरंट्स को सलाह

ओम कांत ठाकुर कहते हैं कि यूपीएससी मेन्स की तैयारी के लिए स्टूडेंट को बहुत डिटेल में पढ़ाई करनी होती है इसलिए सबसे पहले अपनी किताबों को एक तय समय पर खत्म करें और उसके बाद जितना हो सके उतना ज़्यादा आंसर राइटिंग का अभ्यास करें. एथिक्स, निबंध किसी भी पेपर को कम न समझें और सभी को बराबर महत्व दें.

ओम कांत ठाकुर कहते हैं कि सबसे पहले सिलेबस को ध्यान में रखते हुए बुक्स फाइनल करें और अपनी बुक लिस्ट को न बदलें. मार्केट में चाहे कितनी भी नयी किताबें क्यों न आ जाए या फिर कोई भी आपसे कुछ भी कहे पर आप अपने द्वारा फ़ाइनल की गई किताबों पर फिक्स रहें. आप अपनी किताबों की लिस्ट दीवार पर चिपका लें और उसी के अनुरूप तैयारी करें.

बुकलिस्ट तैयार करने के बाद दूसरी जरूरी बात आती है तैयारी के लिए स्ट्रेटजी बनाने की. आप इसके लिए अपने अनुसार रणनीति बनाएं. ओम कांत ठाकुर कहते हैं कि स्ट्रेटेजी के साथ अपना शेड्यूल भी तय कर लें और पहले मेन्स के लिए पढ़ने के बाद अंतिम महीनों में केवल प्री की तैयारी करें.

आप तैयारी के दौरान अपनी तैयारी के स्तर को समझने के लिए टेस्ट पेपर हर रोज़ लगाएं और धीरे-धीरे अपनी कमियां दूर करते चलें. वे कहते हैं कि पढ़ाई को घंटो की जगह टॉपिक के आधार पर कि एक दिन में आपको वह टॉपिक ख़त्म करना है.

शुरुआत में आपको इसके लिए बहुत समय लगेगा पर धीरे-धीरे यह आपकी आदत बन जाएगी. अंतिम में ओम कांत ठाकुर कहते हैं कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान आप अपने पूरे डेडिकेशन और कंसिसटेंसी से पढ़ाई करें.

अगर इस दौरान आप कभी भी हताश हों तो उन लोगों से बात करे जो आपको पॉजिटिव रहते हुए समझा सके. अगर आपको कभी-कभी कुछ समझ न आए तो उस स्थिति में ब्रेक लें और सो जाएं. निरंतर कड़ी मेहनत से ही इस परीक्षा को पास किया जा सकता है.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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