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SINDHUJA KANDLAM दो दोस्तों ने मिलकर एक आइडिया से 2 साल में खड़ा किया 20 करोड़ का कारोबार

“सफल होने के लिए आपको अपने काम से प्यार करना पड़ेगा”

SINDHUJA KANDLAM SUCCESS STORY : हमारा देश युवाओं का देश है ओर हमारे देश के युवाओं में प्रतिभा की बिल्कुल भी कमी नहीं है. परंतु हमारे यहाँ पर सामाजिक और पारिवारिक दवाब के कारण कहीं ना कहीं उनकी प्रतिभा दब कर रह जाती है. हमारे देश में ऐसे बहुत से युवा है जो अपना स्वयं का कुछ करना चाहते हैं परंतु लोगों के दवाब के चलते उन्हें अपनी रुचि के विरुद्ध जाते हुए किसी अन्य क्षेत्र को चुनना पड़ जाता है.

हमारे देश के ज्यादातर माता-पिता की सोच बहुत पुरानी है ओर वे यह चाहते है कि उनके बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर बने या फिर कोई अच्छी सी सरकारी नौकरी करे. बच्चे भी अपने परिवार की इच्छाओं को पूरा करने के लिए इसी दौड़ में बिना कुछ सोचे समझे भागते रहते हैं. किंतु अगर उन्हें उन्ही की रूचि की दिशा में मता-पिता ओर परिवार वालों की तरफ़ से थोड़ा भी प्रोत्साहन दिया जाए तो शायद वे उस क्षेत्र में एक अलग पहचान बना सकते हैं.

प्रवीण कुमार (PRAWEEN KUMAR) और सिंधुजा कंदलम (SINDHUJA KANDLAM) ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, चेन्नई में अपने सातवें सेमेस्टर में पाधाइ के दौरान ही यह फ़ैसला ले लिया की वे अपना स्वयं का कुछ करेंगे.

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PRAWEEN KUMAR

SINDHUJA KANDLAM ओर PRAWEEN KUMAR ने किया है फ़ैशन डिज़ाइनिंग कोर्स

प्रवीण कुमार बिहार के रहने वाले है और सिंधुजा कंदलम हैदराबाद की रहने वाली हैं. इन दोनों नें एक साथ चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की है. ये दोनों ही फ़ैशन डिज़ाइनिंग के दौरान साथ मिलकर अपने आइडियाज शेयर करते थे और कपड़ों के अलग-अलग डिजाईन भी बनाते थे.

पढ़ाई करने के दौरान जब ये दोनों अपने आखिरी सेमेस्टर में थे तभी उन्होंने सोचा की हम पढ़ाई के बाद नौकरी नही करेंगे. हम अपने खुद के डिज़ाइन किये हुए कपड़े बनाकर उन्हें बाज़ार में खुद भी बेच सकते हैं. बस इसी चोती सी सोच के साथ उनका यह सफ़र शुरू हुआ और आज फैशन इंडस्ट्री में उनकी खुद की एक अलग ब्रांड है.

YOUNG TRENDZ की शुरुआत

जब प्रवीण कुमार और सिंधुजा कंदलम ने इसकी शुरुआत की तो वे आखिरी सेमेस्टर में ही थे और उनका कौर्स खत्म होने वाला ही था. नवंबर 2014 में उन्होंने अपने ब्रांड “यंग ट्रेंड्ज़” (YOUNG TRENDZ) को ऑफिसियली तौर पर एनाउन्स कर दिया. लेकिन उन्होंने अपने इस आइडिया पर सितम्बर से ही काम करना शुरू कर दिया था.

“यंग ट्रेंड्ज़” की शुरुआत के दौरान उन्होंने अपने कॉलेज के नज़दीक में ही एक वेयरहाउस किराए पर ले लिया और वहीं से अपने काम की शुरुआत की. शुरुआत मे उन्होंने अपने कॉलेज के इवेंटस् में स्टूडेंट्स को मुफ़्त में टीशर्ट बांटे, इससे युवाओं के बीच उनके कपड़ों की लोकप्रियता भी बढ़ गई. इस प्रकार के प्रमोशन से लोगो नें उनके कपड़ों की गुणवत्ता को पसंद भी किया और धीरे-धीरे इ-कॉमर्स साइट्स के द्वारा उन्हें आर्डर भी मिलने शुरू हो गए.

कॉलेज खत्म होने के बाद दोनों ने तिरुपुर में जाकर अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के बारे में सोचा क्योंकि तिरुपुर भारत के बने हुए कपड़ों विनिर्माण केंद्र है तिरुपुर में उन्होंने अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगाया. लेकिन प्रवीण कुमार ओर सिंधुजा कंदलम दोनो ही तमिल भाषा नही जानते थे इसलिए शुरुआत में उन्हें कुछ दिनो तक समस्या हुई.

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SINDHUJA KANDLAM

FLIPKART ओर AMAZON के साथ किया टाई-अप

प्रवीण कुमार ओर सिंधुजा कंदलम ने इसके बाद अपने बिजनेस को विस्तार देने के लिए फ्लिपकार्ट, अमेज़न जैसी बड़ी ई-कॉमर्स साइट्स के साथ बिक्री के लिए टाई-अप किया. इन दोनो को शुरुआत में 10 लाख का निवेश करना पड़ा. परंतु इनके द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट अच्छी गुणवत्ता वाले थे इस कारण से उन्होंने लोगों के बीच एक छाप छोड़ी और रोज़ उन्हें 1 हज़ार से अधिक ऑर्डर्स मिलने शुरू हो गए. यह उनके लिए सफलता की पहली सीढ़ी थी.

प्रवीण कुमार ओर सिंधुजा कंदलम ने इस सफलता से उत्साहित होते हुए अपने ब्रांड ‘यंग ट्रेंड्ज़’ के नाम एक खुद की एक ई- कॉमर्स वेबसाइट भी बनाई. अपने ब्रांड की वेबसाइट बनाने के पीछे का उनका मक़सद था की इससे उनके बिज़नेस को और भी अधिक तेजी मिलेगी.

उनकी कंपनी देश के युवा लोगों के लिए कपड़े डिज़ाइन करती है इसलिए उनकी हमेशा से कोशिश रहती है कि वे खुद के डिज़ाइन को बदलते हुए ट्रेंड के अनुसार अपडेट करते रहे. लोगों को बहुत ही कम कीमत में अच्छी क़्वालिटी के प्रोडक्ट मुहैया कराना ही इनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है.

आज उनकी टीम में करीब 50 लोग काम कर रहे हैं और कंपनी का टर्नओवर करीब 20 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है. प्रवीण और सिंधुजा से हमारे देश के दूसरे युवाओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए. अगर आप में भी दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ-साथ कुछ अलग करने का ज़ज़्बा हो तो आप भी एक सफल मुकाम हासिल कर सकते हैं.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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