IAS PANKAJ YADAV : IPS से चुनौतियों का सामना कर बने IAS OFFICER

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IAS PANKAJ YADAV

“जिन्हें सफल होना होता है, वो किसी और चीजों में अपना वक्त बर्बाद नहीं करते है.”

Success Story Of IAS Pankaj Yadav : इस संसार में दो तरह के लोग होते है कुछ लोग ऐसे होते है जो सिर्फ़ हर बात को लेकर शिकायतें ही करते रहते है वही दूसरी तरफ़ कुछ लोग अपने जीवन में करम करने में यक़ीन करते है ओर उसके द्वारा बहुत ही कम समय में इतना कुछ एचीव कर लेते हैं कि उन्हें देखकर लगता है कि उनमे कुछ विशेष है, जिनके द्वारा वे एक के बाद एक सफलता प्राप्त करते जाते हैं.

ऐसे लोगों की सफलता के पीछे की सच्चाई यह होती है की वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सालों तक कड़ी मेहनत, धैर्य और कभी हार न मानने वाले हौसले के साथ निरंतर आगे बढ़ते रहते है. कुछ ऐसा ही एक उदाहरण है पंकज यादव (IAS PANKAJ YADAV) का.

पंकज यादव ने अपने जीवन में साधारण बैकग्राउंड से आने के बावजूद भी इतना कुछ हासिल किया जितना सम्पूर्ण सुविधाओं वाले लोग भी नही कर सकते. लेकिन पंकज ने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कभी कोई बहाना नहीं बनाया और लगातार अपने प्रयास करते रहे. आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं पंकज यादव के इस कठिन ओर गौरान्वित करने वाले सफलता के सफर के बारे में…

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IAS PANKAJ YADAV का जीवन परिचय

पंकज यादव हरियाणा के रेवाड़ी जिले के एक छोटे से गांव टींट के रहने वाले हैं. उनका बचपन इसी गाँव में सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए बिता. पंकज यादव के पिताजी सरकारी स्कूल में टीचर थे और उन्होंने पंकज यादव को भी सरकारी स्कूल में ही पढ़ाया. पंकज यादव का मानना था कि अगर शिक्षक बच्चों को अच्छे से पढ़ाएं तो सरकारी स्कूल के बच्चे भी प्राइवेट स्कूल के बच्चों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.

पिता की इसी विचारधारा को मानते हुए पंकज यादव ने क्लास 12 तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की. 12वीं की पाधाइ के बाद उन्होंने पीएमटी की परीक्षा दी और उसमें चयनित हो गए. इसमें चयन हो जाने के बाद पंकज ने वहीं के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कम्प्लीट की.

एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई के दौरान पंकज के मन में कई बार यह ख्याल आता कि उन्हें, उन्ही की तरह गांव की पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के लिए कुछ अवश्य ही करना चाहिए. हालांकि एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री लेने के बाद उन्होंने इस दिशा में काम काम भी किया किंतु इसके बावजूद उनको अपने प्रयास नाकाफी लगते थे. आख़िर में उन्होंने इसी बारे में काफ़ी सोच-विचार करने के बाद यूपीएससी (UPSC) की तैयारी करने का मन बनाया.

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पहले आईपीएस बने ओर उसके बाद आईएएस

पंकज यादव ने सीमित संसाधन और बिना किसी गाइडेंस या सलाह के ही यूपीएससी की तैयारी करने का कठिन निश्चय कर लिया और अपनी कड़ी मेहनत के द्वारा अपने इस सफर को पूरा भी कर किया हालांकी इस दौरान उनसे कुछ छोटी-छोटी गलतियां भी हुई. अपने पहले प्रयास में ही पंकज यादव यूपीएससी के इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे लेकिन उसके बावजूद वे सेलेक्ट नहीं हुए.

अपनी पहली असफलता के पीछे का कारण वे अपनी ही ओवर थिंकिंग को मानते हैं. इस बारे में पंकज यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि ऑप्शनल की परीक्षा के पहले वे दो रात तक सोये नहीं थे, ओर उसका नतीजा यह हुआ की उनका पेपर खराब हुआ और उस वजह से उनके ऑप्शनल में अच्छे अंक नहीं आए. हालांकि उन्होंने बहुत मेहनत भी की थी किंतु एक छोटी सी गलती की वजह से उनके डेढ़ साल खराब हो गए.

पंकज ने इस असफलता के बावजूद अपनी हिम्मत नहीं हारी और 2018 में एक बार फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी. इस बार उनकी 589 रैंक आइ और उन्हें आईपीएस का पद एलॉट हुआ. इसी पद के अंतर्गत वे इंफाल में एएसपी के पद पर तैनात थे ओर उसी समय उनके तीसरे अटेम्पट का रिजल्ट आया. पंकज आईपीएस बनने के बावजूद भी अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं हुए क्योंकि उन्हें तो हर हाल में आईएएस ही बनना था.

अंत में पंकज यादव ने कड़ी मेहनत करते हुए साल 2019 की परीक्षा में 56वीं रैंक के साथ टॉपर्स की सूची में अपनी जगह बनाई और इस बार उन्होंने अपना आईएएस बनने का सपना पूरा किया. पंकज यादव का सपना है कि वे आईएएस के पद पर काम करते हुए गांव के बच्चों के लिए वे सभी संसाधन जुटाने का काम करे जिनके अभाव में उन्हें बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.

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पंकज यादव का यूपीएससी का अनुभव

पंकज यादव यूपीएससी के अपने सफ़र के बारे में कहते है कि गांव से होने की वजह से उनके पास यूपीएससी की परीक्षा के बारे में न तो कोई गाइडेंस था, न ही उनके परिवार या आसपास से कभी कोई व्यक्ति इस क्षेत्र में आया था जिससे की उन्हें थोड़ी बहुत भी मदद मिल जाए, शायद यही वजह थी की उनकी सफलता का यह सफर कुछ ज्यादा ही लंबा हो गया.

पंकज यादव ने तैयारी के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी से लेकर रोड कनेक्टिविटी तक हर प्रकार की समस्या का सामना किया. उन्होंने सेल्फ स्टडी को ही अपना सबसे मज़बूत टूल बनाते हुए दिन-रात मेहनत की तब कही जाकर उन्हें यह आईएएस पद का मुकाम हासिल हुआ.

पंकज यादव यूपीएससी परीक्षा के बारे में एक बहुत ही ज़्यादा जरूरी सलाह देते हुए कहते है कि इस परीक्षा पास करने का सपना देखना अच्छा है परंतु इसे कभी भी अपने जीवन से बड़ा न बनाएं. अगर आप यूपीएससी की परीक्षा में सफल नहीं होते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आपकी जिंदगी ही खत्म हो गई.

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी का यह सफर आपको इतना परिपक्व बना देता है कि अगर आप किसी कारण से चयनित नहीं हुए तो भी आप कहीं न कही तो ज़रूर पहुंचेंगे ही. यूपीएससी का सफ़र कई बार बहुत ज़्यादा लंबा होता है इस कारण से आपको देर से सफलता मिलती है इसके लिए भी कभी परेशान न हों. आप पहली बार में सफल होते हैं या तीसरी-चौथी में इससे कुछ फ़र्क़ नही पड़ता इसलिए धैर्यपूर्वक इस परीक्षा की तैयारी करें.

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने के दौरान स्वयं पर इतना अधिक दबाव न बना लें कि आपकी जिदंगी से बाकी की सभी आवश्यक चीजें ही खत्म हो जाएं. पढ़ाई के साथ सदैव अपने दिमाग को फ्रेश रखने के लिए अपनी हॉबीज को भी टाइम अवश्य दें.

अगर आपके पास तैयारी के लिए संसाधन मौजूद नहीं हैं तो आप इंटरनेट पर मौजूद शिक्षकों की सहायता भी लें सकते है. अपने साधारण बैकग्राउंड को कभी भी अपनी सफलता के रास्ते का रोड़ा न मानें बल्कि ऐसे में आप अपने लक्ष्य पर निगाह रखने के साथ खुद को उत्साहित करें कि जो बड़ा काम आप करने जा रहे हैं, उसके आगे दूसरी छोटी-छोटी चीज़ें मायने नहीं रखती.

अंत में पंकज यही कहते हैं कि लगातार कड़ी मेहनत, धैर्य और सही गाइडेंस से कोई भी साधारण स्टूडेंट भी इस परीक्षा को पास कर सकता है.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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