HomeUPSCIAS CHANDRAJYOTI SINGH : पहले ही प्रयास में बिना कोचिंग के 28वीं रैंक लेकर...

IAS CHANDRAJYOTI SINGH : पहले ही प्रयास में बिना कोचिंग के 28वीं रैंक लेकर बनी यूपीएससी टॉपर

Success Story Of IAS Topper Chandrajyoti Singh: यूपीएससी परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा ऐसे ही नही कहा जाता है. इस परीक्षा को पास करने के लिए कई स्टूडेंट सालो तक प्रयास करते है किंतु उसके बावजूद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगती है किंतु कुछ स्टूडेंट ऐसे भी होते है जो अपनी मेहनत ओर क़ाबिलियत के दम पर अपने पहले प्रयास में ही इस परीक्षा को पास करते हुए अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवा देते है.

ऐसा ही एक नाम है चंद्रज्योति सिंह (IAS CHANDRAJYOTI SINGH) का जिन्होंने साल 2019 की यूपीएससी परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 28वीं रैंक लाकर यूपीएससी में टॉप किया. इनकी सफलता की सबसे खास बात यह है कि इन्होंने अपने पहले ही प्रयास में मात्र 22 साल की उम्र में बिना किसी कोचिंग की सहायता लिए सिर्फ़ सेल्फ स्टडी के द्वारा यह मुकाम हासिल किया.

जहां ज्यादातर कैंडिडेट्स को इस परीक्षा के सिलेबस ओर प्रारूप को समझने में ही 6 महीने का समय लग जाता हैं, वहीं दूसरी और चंद्रज्योति सिंह 6 महीने में तो अपना सिलेबस भी खत्म कर चुकी थी. इस दौरान उन्होंने अपने जीएस और ऑप्शनल हो पूरी तरह से तैयार कर लिया था.

यह भी पढ़े : IAS NIDHI BANSAL : इंजीनियर से IPS और उसके बाद IAS ऑफिसर का सफर

IAS CHANDRAJYOTI SINGH

IAS CHANDRAJYOTI SINGH का जीवन परिचय

चंद्रज्योति सिंह का जन्म एक आर्मी फ़ैमिली के घर पर हुआ था. उनके माता और पिता दोनों ही आर्मी में थे इसी कारण से उनका अधिकतम जीवन अलग-अलग शहरों में बीता.

स्कूल की पढ़ाई समाप्त करने के बाद अपने ग्रेजुएशन के लिए चंद्रज्योति ने दिल्ली का रुख़ किया और वहां के सेंट स्टीफंस कॉलेज से उन्होंने हिस्ट्री में बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की.

चंद्रज्योति हमेशा से अपने लक्ष्य को लेकर क्लियर थी और वे शुरू से ही सिविल सर्विस के क्षेत्र में ही जाना चाहती थी. जिस समय उन्होंने अपना ग्रेजुएशन कम्प्लीट किया उस समय उनकी उम्र मात्र 20 साल थी.

इसलिए उन्होंने एक के लिए साल ड्रॉप करके परीक्षा की तैयारी की और एक साल की तैयारी में ही न केवल यूपीएससी की परीक्षा में चयनित हुईं बल्कि टॉपर भी बनीं.

यह भी पढ़े : IAS ABHISHEK JAIN : दो अटेम्पट्स में सफल रहे लेकिन जब तक IAS ऑफिसर नही बने तब तक रुके नही

IAS CHANDRAJYOTI SINGH

आज की स्टोरी में जानते हैं चंद्रज्योति सिंह से उनकी प्रिपरेशन की स्ट्रेटजी.

अपनी क्षमता अनुसार बनाए स्ट्रेटेजी

चंद्रज्योति सिंह कहती हैं उन्होंने अपनी स्ट्रेटजी और रिर्सोस दोनों ही जहां तक हो सके उतना सिम्पल और सीमित रखे. टॉपर्स के इंटरव्यू देखकर ऐसी स्ट्रेटेजी न बनाए जिसे आप फ़ॉलो नही कर सके. उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के दौरान दिन को दो भागों में बांट लिया था. फर्स्ट हाफ में वे जीएस विषय की तैयारी करती थी और सेकेंड हाफ में वे ऑप्शनल की तैयारी करती थी.

चूंकि हिस्ट्री विषय उनका पहले से ही फ़ेवरेट था इसलिए ऑप्शनल के तौर पर उन्होंने इसे चुना इससे उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली. तैयारी के दौरान शुरूआत में वे दिन में 6 से 8 घंटे पढ़ती थी और परीक्षा पास आ जाने पर वे पढ़ाई के समय को बढ़ाकर 10 घंटो तक पहुँचा देती थी.

चंद्रज्योति सिंह यूपीएससी की तैयारी के दौरान सबसे पहले अपना सिलेबस खत्म किया उसके बाद टेस्ट सीरीज ज्वॉइन की और खूब मॉक टेस्ट दिए.

वे अपनी तैयारी के बारे में कहती हैं दिन के पहले और दूसरे हाफ की पढ़ाई खत्म करने के बाद वे रात में करेंट अफैयर्स की तैयारी के लिए न्यूज पेपर पढ़ती थी और ऑनलाइन करेंट अफेयर्स की तैयारी करती थी.

वे इस बारे में कहती हैं कि शुरू में उन्हें पेपर पढ़ने में अधिक समय लगता था किंतु बाद में धीरे-धीरे उन्होंने अपनी स्पीड बढ़ाई और एक से डेढ़ घंटे में पेपर खत्म करने लगी.

चंद्रज्योति सिंह करेंट अफेयर्स के लिए न्यूज़पेपर के अलावा ऑनलाइन साइट्स की भी मदद लेती थी. तैयारी के बारे में चंद्रज्योति सिंह एक बात और कहती हैं कि आप तैयारी करने के साथ अपनी किताबों के साथ ऑनलाइन रिर्सोसेस पर भी भरोसा रखें. इन पर भरोसा रखते हुए अंत तक इन्हीं से तैयारी करें.

यह भी पढ़े : IAS DR. NEHA JAIN: डेंटिस्ट से IAS OFFICER तक का सफ़र कैसे किया पूरा?

IAS CHANDRAJYOTI SINGH

ज़्यादा से ज़्यादा मॉक टेस्ट दे

चंद्रज्योति सिंह यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए आगे की तैयारी के विषय में कहती हैं कि इस परीक्षा में आंसर राइटिंग का बहुत जरूरी रोल है. जैसे ही एक बार आपका सिलेबस पूरा हो जाए तो आप लिख-लिखकर उन प्रश्नो के उतर का अभ्यास करें. वे रिवीज़न के लिए शॉर्ट नोट्स बनाने की सलाह भी देती हैं.

चंद्रज्योति से जब पूछा गया कि किस तरह के नोट्स बनाने उपर्युक्त रहते है तो उनका जवाब था कि आपको ऑनलाइन नोट्स बनाने हैं या हैंड रिटेन यह सब आपके ऊपर है पर इस तरह से लिखकर नोट्स बनाने पर आपके लिखने का भी अभ्यास होता है. अपने द्वारा बनाए गए नोट्स हर हफ्ते के हफ्ते रिवाइज ज़रूर करते चलें.

चंद्र्ज्योति सिंह का कहना है की आप अपने द्वारा पढ़े ओर याद किए गए विषयों के रिवीजन पर खास ध्यान दें क्योंकि अगर आप पिछला पढ़ा हुआ भूल जाएंगे तो ऐसी पढ़ाई करने का कोई फायदा नहीं होगा. हर कुछ दिन में आपके द्वारा पढ़ा गया पुराना मैटर ज़रूर रिवाइज़ करें ओर उसे बाद ही आगे बढ़ें.

मॉक टेस्ट दें और ओर टेस्ट देने के बाद अपने आंसर को एनालाइज जरूर करें कि आपसे उत्तर लिखने में कहां गलती हो रही है, अगली बार अपनी ग़लतियों पर काम करते हुए उसे सुधारें. अपने आंसर्स पर टीचर्स के जो रिमार्क हैं, उन्हें ध्यान से पढ़ें और देखें कि उनमे कहां पर सुधार की आवश्यकता है.

यह भी पढ़े : IAS TAPASYA PARIHAR : एक किसान की बेटी SELF STUDY के द्वारा बनी IAS

IAS CHANDRAJYOTI SINGH

चंद्रज्योति सिंह की भावी यूपीएससी ऐस्पिरंट्स को सलाह

चंद्रज्योति सिंह का मानना है की यूपीएससी की तैयारी की शुरुआत में इंटीग्रेटेड तैयारी करें लेकिन जब प्री की परीक्षा पास आ जाए तो केवल उसी पर अपना सम्पूर्ण ध्यान लगाते हुए उसकी तैयारी करें. उन्होंने भी प्री की परीक्षा होने से दो महीने पहले ही केवल प्री के लिए पढ़ना शुरू कर दिया था. मेन्स की परीक्षा के पहले चंद्रज्योति ने खूब सारे टेस्ट दिए और इस दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेकर वे खुद को चार्ज भी करती रही.

चंद्र्ज्योति सिंह लगातार पढ़ाई करने के पक्ष में नहीं हैं. वे कहती हैं मैं हर 15 दिन में एक दिन का ब्रेक ज़रूर लेती थी और अपने दोस्तों के साथ घूमकर या मूवी देखकर या फिर कोई अन्य किताब पढ़कर अपने उस दिन का पूरा समय बिताती थी.

ऐसा करने से मैं रिचार्ज हो जाती थी. नके अनुसार इस तरह से बीच के ये छोटे-छोटे ब्रेक आपको फिर से तरोताज़ा कर देते हैं. इसलिए आपको इन्हें लेने पर भी विचार करना चाहिए.

अंत में चंद्रज्योति यही सलाह देती हैं कि यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रॉपर स्ट्रेटजी बनाकर पूरे मन से एक ही जगह पर अपना पूरा फ़ोकस करते हुए इस परीक्षा की तैयारी करें और धैर्य रखें क्योंकि इस परीक्षा में सफता मिलने में कई बार आपके अनुमान से भी अधिक समय लग जाता है. इस बीच आप कभी भी अपने मोराल को डाउन न होने दें.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके. 

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

Explore more articles