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झोपड़ी से निकलकर देव डुडेजा कैसे बने IAS! चाय बेचने वाले पिता के बेटे की रुला देने वाली सफलता की कहानी

नई दिल्ली, 8 मार्च 2026 | ख़बर आपके लिए विशेष रिपोर्ट: कहते हैं कि अगर इरादों में जान हो, तो गरीबी कभी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकती। ताज़ा UPSC परिणामों में इस बात को सच साबित कर दिखाया है देव डुडेजा ने।

एक ऐसे पिता का बेटा, जो सड़क किनारे चाय की दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पालता है, आज देश का एक प्रतिष्ठित IAS अफसर बन गया है।

सुविधाओं के घोर अभाव और झोपड़ी से निकलकर लुटियंस दिल्ली (Lutyens’ Delhi) तक पहुँचने की Dev Dudeja UPSC Success Story आज पूरे भारत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

आइए जानते हैं कि कब, कहाँ और कैसे शुरू हुआ चाय की केतली से लेकर सिविल सेवा तक का यह अकल्पनीय सफर।

📌 Key Highlights:

  • 🏆 UPSC CSE 2025 में AIR 152 — IAS बनने का सपना पूरा
  • 🔄 UPSC CSE 2024 में AIR 327 — IRS (Indian Revenue Service) में चयन
  • 📍 चंदौसी, संभल (UP) — पंजाबी कॉलोनी निवासी
  • 👨 पिता: इंद्रमोहन डुडेजा — एसएम कॉलेज के सामने चाय की दुकान
  • 👩 माँ: चंद्रप्रभा — ग्राम मई के कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापिका
  • 🎓 शिक्षा: Delhi University से Political Science में Graduation + Post Graduation
  • 🏫 Coaching: दिल्ली का बाजीराम कोचिंग सेंटर
  • 💡 प्रेरणा: चचेरे भाई ने दिखाया UPSC का रास्ता

प्रमाणित रिपोर्ट: यह प्रेरणादायक लेख संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परिणामों और देव डुडेजा के संघर्षों से जुड़े प्रामाणिक साक्षात्कारों पर आधारित है। इसे हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा विशेष रूप से ‘फैक्ट-चेक’ किया गया है।

☕ चाय की दुकान से UPSC तक का संघर्षपूर्ण सफर

देव डुडेजा का बचपन उन सुख-सुविधाओं से कोसों दूर था, जो एक आम मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चों को मिलती हैं। उनके पिता ने दिन-रात एक छोटी सी चाय की दुकान पर काम करके देव की पढ़ाई का खर्च उठाया। देव बचपन से ही मेधावी थे और अपने पिता के पसीने की हर एक बूंद की कीमत समझते थे।

स्कूल के दिनों में ही देव ने ठान लिया था कि वे अपने परिवार को इस मुफलिसी से बाहर निकालेंगे। ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद जब उन्होंने सिविल सेवा (Civil Services) में जाने का फैसला किया, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक तंगी थी।

💰 आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच तैयारी

UPSC की तैयारी में लाखों रुपये खर्च होते हैं, यह एक आम धारणा है। महंगी कोचिंग, दिल्ली का खर्च और महंगी किताबें—यह सब देव के परिवार के लिए किसी सपने जैसा था। लेकिन देव ने हार नहीं मानी।

  • सेल्फ-स्टडी बनी सबसे बड़ी ताकत: देव ने महंगी कोचिंग का मोह छोड़कर पूरी तरह से सेल्फ-स्टडी (Self-Study) पर फोकस किया।
  • सेकंड-हैंड किताबों का सहारा: उन्होंने बाज़ार से पुरानी (Second-hand) किताबें खरीदीं और इंटरनेट पर मौजूद फ्री रिसोर्सेज (Free Resources) और यूट्यूब वीडियोज़ से अपने कॉन्सेप्ट्स क्लियर किए।
  • पिता की मदद: पढ़ाई के साथ-साथ देव कई बार अपने पिता के काम में हाथ भी बंटाते थे, जिसने उन्हें ज़मीन से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।

🎯 देव डुडेजा की सफलता का ‘सीक्रेट मंत्र’

अपनी इस बड़ी कामयाबी के बाद देव ने उन लाखों छात्रों को एक बहुत बड़ा संदेश दिया है, जो अभावों में जीते हैं। उनकी रणनीति बहुत ही साधारण लेकिन असरदार थी:

  1. निरंतरता (Consistency): चाहे घर में कितनी भी परेशानी क्यों न हो, देव ने कभी अपना डेली रूटीन नहीं तोड़ा।
  2. मॉक टेस्ट और आंसर राइटिंग: पैसे बचाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन उपलब्ध फ्री मॉक टेस्ट दिए और अपनी आंसर राइटिंग (Answer Writing) को धार दी।
  3. खुद पर यकीन: देव कहते हैं, “गरीबी एक चुनौती है, कोई बहाना नहीं। अगर आप ठान लें, तो कोई भी परिस्थिति आपको रोक नहीं सकती।”

स्कूल से दिल्ली तक — पढ़ाई का सफर

देव ने चंदौसी के आरआरके स्कूल (RRK School) से 2018 में PCM ग्रुप के साथ इंटर (12वीं) की परीक्षा पास की।

इसके बाद वे दिल्ली आ गए। यहाँ दिल्ली विश्वविद्यालय से Political Science (राजनीति विज्ञान) में ग्रेजुएशन किया जो 2021 में पूरी हुई। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने अपने चचेरे भाई से प्रेरणा लेकर UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली के बाजीराम कोचिंग सेंटर (Vajirao & Reddy School of IAS) में दाखिला लिया। साथ ही 2023 में Delhi University से ही Political Science में Post Graduation की पढ़ाई भी शुरू की और उसे पूरा किया।

चार प्रयास — चार अलग-अलग इम्तिहान

देव की UPSC यात्रा एक सीधी रेखा नहीं थी — यह हर बार गिरकर उठने की कहानी है।

पहला प्रयास: 2022 में UPSC Mains उत्तीर्ण किया, लेकिन Interview में अवसर चूक गए। चयन नहीं हुआ।

दूसरा प्रयास: फिर से कोशिश की। यह प्रयास भी सफल नहीं रहा।

तीसरा प्रयास (UPSC CSE 2024):

  • जून 2024 — Preliminary Examination
  • सितंबर 2024 — Mains Examination
  • मार्च 2025 — Interview (Personality Test)
  • परिणाम: AIR 327Indian Revenue Service (IRS) में चयन ✅
  • दिसंबर 2025 से नागपुर में Joint Commissioner पद के लिए 15 महीने की Training शुरू।

चौथा प्रयास (UPSC CSE 2025): नागपुर में IRS की Training जारी रखते हुए देव ने एक बार और तैयारी की। 11 फरवरी 2026 को दिल्ली में Interview दिया। और 6 मार्च 2026 को जब रिजल्ट आया — AIR 152 के साथ IAS बनने का सपना पूरा हो गया।

उस दिन चंदौसी की पंजाबी कॉलोनी में खुशियों का माहौल था।

देव डुडेजा की Timeline — एक नज़र में

वर्षघटना
2018RRK School, चंदौसी से 12वीं (PCM), इंटर पास
2021Delhi University से Political Science में Graduation
2022UPSC पहला प्रयास — Mains पास, Interview में चूके
2023दूसरा प्रयास — सफल नहीं; DU से PG शुरू
2024तीसरा प्रयास — UPSC CSE 2024, AIR 327, IRS चयन
दिसंबर 2025नागपुर में IRS Training शुरू
फरवरी 2026चौथे प्रयास का Interview — दिल्ली
6 मार्च 2026UPSC CSE 2025 Result — AIR 152, IAS ✅

देव ने खुद क्या कहा — उनके शब्दों में

UPSC में सफलता के बाद देव ने युवाओं के लिए एक सीधा और सरल संदेश दिया:

“जो भी कार्य किया जाए, वह एकाग्रता और लगन से किया जाए। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयासरत रहें — सफलता ज़रूर कदम चूमेगी।”

यह सिर्फ एक उद्धरण नहीं है। यह उन चार सालों का निचोड़ है जब देव ने एक IRS अधिकारी की ट्रेनिंग करते हुए भी किताबें नहीं छोड़ीं।

यह जीत सिर्फ देव की नहीं — पूरे चंदौसी की है

UPSC Civil Services Examination देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार बैठते हैं। UPSC CSE 2025 में Anuj Agnihotri ने AIR 1 हासिल की — और उसी परीक्षा में चंदौसी के चाय वाले के बेटे देव ने AIR 152 पाई।

देव की यह सफलता उन लाखों युवाओं के लिए एक ज़िंदा मिसाल है जो छोटे शहरों से आते हैं, जिनके पास बड़े शहरों की सुविधाएँ नहीं होतीं, जिनके परिवार में पढ़ाई का माहौल ज़रूर है — लेकिन पैसा कम है।

देव ने यह साबित किया कि IAS बनने के लिए अमीर घर नहीं, दृढ़ इरादा चाहिए।

UPSC परीक्षा क्या है — नए aspirants के लिए

UPSC (Union Public Service Commission) Civil Services Examination तीन चरणों में होती है:

चरणविवरण
Prelims (प्रारंभिक)2 Objective Papers — GS और CSAT
Mains (मुख्य परीक्षा)9 Descriptive Papers (1750 अंक) + 1 Optional Subject
InterviewPersonality Test — 275 अंक
कुल अंक2025 अंक (Mains + Interview)

Final rank Mains और Interview के संयुक्त अंकों के आधार पर तय होती है।

Dev Dudeja के बारे में Frequently Asked Questions

Q1. देव डुडेजा कहाँ के रहने वाले हैं? देव डुडेजा उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी शहर की पंजाबी कॉलोनी के रहने वाले हैं।

Q2. देव डुडेजा के पिता क्या करते हैं? उनके पिता इंद्रमोहन डुडेजा चंदौसी में एसएम डिग्री कॉलेज के सामने अपने दो भाइयों के साथ चाय की दुकान चलाते हैं।

Q3. देव डुडेजा ने UPSC में कितने प्रयास किए? देव ने कुल चार प्रयास किए। UPSC CSE 2024 (तीसरा प्रयास) में AIR 327 आई और IRS में चयन हुआ। UPSC CSE 2025 (चौथा प्रयास) में AIR 152 के साथ IAS बने।

Q4. देव डुडेजा ने कहाँ से पढ़ाई की? चंदौसी के RRK School से 12वीं, फिर Delhi University से Political Science में Graduation (2021) और बाद में Post Graduation। UPSC की coaching दिल्ली के बाजीराम कोचिंग सेंटर से ली।

Q5. UPSC CSE 2025 में AIR 1 किसने हासिल की? UPSC CSE 2025 में Anuj Agnihotri ने AIR 1 हासिल की।

Q6. देव डुडेजा ट्रेनिंग के दौरान भी UPSC की तैयारी कैसे करते रहे? दिसंबर 2025 से नागपुर में IRS की 15 महीने की ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने चौथी बार UPSC की तैयारी की। 11 फरवरी 2026 को दिल्ली में Interview दिया और 6 मार्च को AIR 152 के साथ IAS बने।

Dev Dudeja UPSC Success Story: निष्कर्ष — एक चाय की दुकान, अनगिनत सपने

देव डुडेजा की कहानी इसलिए नहीं याद रहेगी कि उन्होंने AIR 152 हासिल की। यह कहानी (Dev Dudeja UPSC Success Story) भारत के हर उस युवा के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है, जो संसाधनों की कमी का रोना रोता है।

यह कहानी इसलिए भी याद रहेगी क्योंकि उन्होंने एक IRS अधिकारी की ट्रेनिंग करते हुए यह रैंक हासिल की। क्योंकि चार बार कोशिश करने के बाद रुके नहीं। क्योंकि जिस शहर में उनके पिता चाय बेचते हैं, उसी शहर का नाम उन्होंने पूरे देश में रोशन किया।

चंदौसी की पंजाबी कॉलोनी की उस छोटी सी गली में आज भी चाय की दुकान है। लेकिन अब उस दुकान की पहचान बदल गई है — यह IAS देव डुडेजा के पिता की चाय की दुकान है।

भारतीय युवाओ के लिए संदेश: एक चाय वाले का बेटा अगर देश का सबसे बड़ा एग्जाम पास कर सकता है, तो यकीनन मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। देव डुडेजा आज सिर्फ एक IPS अफसर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की उम्मीद का चेहरा बन गए हैं।