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UPSC Topper Anuj Agnihotri Success Story: MBBS, फिर SDM, फिर UPSC में AIR 1 — जानिए कैसे हासिल किया देश का सबसे बड़ा मुकाम

रावतभाटा (चित्तौड़गढ़), 9 मार्च 2026। एक तरफ दिल्ली में SDM की ज़िम्मेदार नौकरी। दूसरी तरफ बंद पड़ा WhatsApp, घर के लोगों को दिया गया एक साल का वक़्त और रोज़ रात की 13 घंटे की पढ़ाई।

राजस्थान के रावतभाटा के 26 साल के अनुज अग्निहोत्री ने यही रास्ता चुना — और 6 मार्च 2026 को जब UPSC CSE 2025 का रिजल्ट आया, तो देश का नंबर 1 नाम था — अनुज अग्निहोत्री, AIR 1।

AIIMS जोधपुर से MBBS, फिर DANICS में SDM Probationer, फिर तीसरे प्रयास में देश के टॉपर। यह कोई फिल्म की कहानी नहीं — यह रावतभाटा की ताराकॉलोनी के एक तकनीशियन के बेटे की असली ज़िंदगी है।

रिजल्ट आने के बाद अनुज ने ETV Bharat से कहा — “मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा। यह सफलता मेरी मेहनत, परिवार और दोस्तों के साथ-साथ भाग्य का भी परिणाम है — लेकिन अनुशासन सबसे अहम रहा।”

UPSC Topper Anuj Agnihotri Success Story: खास बातें:

  • 🏆 UPSC CSE 2025 — AIR 1 — देश के नंबर 1 IAS
  • 🔄 तीसरा प्रयास — पहले DANICS, दूसरे में Mains पास पर Interview चूके
  • 📍 रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान — ताराकॉलोनी निवासी
  • 👨 पिता: K.B. अग्निहोत्री — NPCIL में तकनीशियन
  • 👩 माँ: मंजू अग्निहोत्री — गृहिणी
  • 🎓 12वीं: M.B. Public School, कोटा — 98% अंक
  • 🏥 MBBS: AIIMS जोधपुर — NEET में 306वीं, AIIMS Entrance में 215वीं रैंक
  • 📚 Optional Subject: Medical Science
  • 📵 तैयारी: बिना कोचिंग, WhatsApp बंद, रोज़ 13 घंटे
  • 💼 UPSC से पहले: DANICS में SDM Probationer, दिल्ली
  • 🇮🇳 UPSC CSE 2025 में कुल 958 उम्मीदवार चयनित

परमाणु बिजलीघर के कस्बे से निकला देश का टॉपर

रावतभाटा — राजस्थान का वह कस्बा जो देश के परमाणु ऊर्जा मानचित्र पर दर्ज है। यहाँ स्थित Rajasthan Atomic Power Station में हज़ारों कर्मचारी और उनके परिवार रहते हैं। उन्हीं में से एक है अग्निहोत्री परिवार।

पिता K.B. अग्निहोत्री NPCIL में तकनीशियन हैं। दादा K.K. अग्निहोत्री सेवानिवृत्त सहायक प्रबंधक रहे। बड़े भाई अंशुल BTech और MBA करके हैदराबाद में हैं। भाभी पलक शिक्षिका हैं। माँ मंजू घर संभालती हैं।

सरकारी कर्मचारी का परिवार — न बड़ी हैसियत, न बड़े कनेक्शन। बस पढ़ाई को लेकर गंभीर माहौल। उसी माहौल से निकला एक लड़का — और पूरे देश का टॉपर बन गया।


AIIMS Entrance में 215वीं रैंक — शुरू से ही अलग थे अनुज

रावतभाटा के Atomic Energy Central School से 10वीं करने के बाद अनुज उच्च शिक्षा के लिए कोटा गए। वहाँ M.B. Public Senior Secondary School से 12वीं में 98% अंक हासिल किए।

2017 में NEET-UG में 306वीं रैंक और AIIMS Entrance Exam में 215वीं रैंक आई। AIIMS जोधपुर में दाखिला मिला।

2017 से 2023 तक MBBS और Internship पूरी की। अब सामने एक शानदार डॉक्टर का करियर था। लेकिन अनुज के मन में कुछ और था।

उन्होंने Asianet Newsable को बताया — “मैं ऐसी नौकरी नहीं चाहता था जो एकरस हो। सिविल सेवा में काम अलग-अलग क्षेत्रों में होता है — शासन, नीति, लोगों से जुड़ाव। यही बात मुझे खींचती थी।”

Internship खत्म होते ही 2023 में UPSC की तैयारी शुरू कर दी।


तीन प्रयास — हर बार थोड़ा और ऊपर

अनुज की यात्रा एक बार में नहीं हुई।

पहला प्रयास — UPSC CSE 2023: IAS नहीं मिला, लेकिन DANICS (Delhi, Andaman and Nicobar Islands Civil Service) में चयन हुआ। दिसंबर 2024 से दिल्ली में SDM Probationer के रूप में ट्रेनिंग शुरू की।

दूसरा प्रयास: Mains पास किया — पर Interview में जगह नहीं मिली।

तीसरा प्रयास — UPSC CSE 2025: SDM की ट्रेनिंग जारी रखते हुए फिर से जुट गए। और 6 मार्च 2026 को — AIR 1।

पिता K.B. अग्निहोत्री ने DNA India को बताया — “यह उसका तीसरा प्रयास था। यह सब उसकी खुद की मेहनत और लगन का नतीजा है। वह रोज़ करीब 13 घंटे पढ़ाई करता था।”


वह एक साल — जब अनुज ने परिवार को भी कह दिया “मत ढूंढना”

यह वह फैसला है जो अनुज को बाकी सब aspirants से अलग करता है।

उन्होंने परिवार को साफ़ कह दिया — “एक साल के लिए मुझे मत ढूंढना। कोई पार्टी नहीं, कोई जन्मदिन नहीं, कोई शादी नहीं। UPSC ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है।”

WhatsApp बंद। सोशल मीडिया बंद। अनुज का कहना है — “मेरी पुरानी सोच है। सोशल मीडिया और प्रतियोगी परीक्षाएं मेरे लिए एक साथ नहीं चलतीं।”

और यह कोई पहली बार नहीं था। NEET की तैयारी के दौरान उन्होंने सिर मुंडवा लिया था और दो साल तक आईने में नहीं देखा — यह मानकर कि जब तक लक्ष्य न मिले, खुद को देखने का हक़ नहीं।

माँ मंजू ने ETV Bharat को बताया — “हमने एक सख्त दिनचर्या बनाई। खाने-पीने और स्वास्थ्य का ध्यान रखा। उसकी मेहनत और भगवान की कृपा — यही काम आई।”


MBBS की पढ़ाई बनी UPSC की ताकत

अनुज ने UPSC में Medical Science को Optional Subject चुना। AIIMS जोधपुर के 6 साल की MBBS की पढ़ाई यहाँ सीधे काम आई।

जो डिग्री लोगों को डॉक्टर बनाती है — उसी डिग्री ने अनुज को देश का नंबर 1 IAS बनाया।

अपनी ताकत को पहचानना और उसे सही जगह लगाना — यही अनुज की रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा था।


अनुज की UPSC रणनीति — उनके अपने शब्दों में

अनुज ने तैयारी के बारे में कई ज़रूरी बातें खुद बताई हैं:

कोचिंग नहीं — घर पर पढ़ाई पिता ने DNA India को बताया — “उसने कभी किसी कोचिंग सेंटर से सलाह नहीं ली।” Vajiram & Ravi के साथ एक Mock Interview ज़रूर दिया जो YouTube पर वायरल हो गया।

रोज़ 13 घंटे — टारगेट देखकर, घड़ी देखकर नहीं घंटे गिनकर नहीं, काम पूरा होने पर रुकते थे।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य — दोनों ज़रूरी अनुज का कहना है — UPSC की प्रक्रिया लंबी और माँगभरी है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना उतना ही ज़रूरी है जितना पढ़ाई।”

आंसर राइटिंग को गंभीरता से लें अनुज मानते हैं कि Prelims सिर्फ रेस में लाता है — असली रैंक Mains की answer writing से बनती है। रोज़ लिखने की आदत डालें।

खुद पर भरोसा — अंत तक उनका अनुभव है — “शुरू में मुझे खुद नहीं पता था कि मुझे क्या करना है। लेकिन यह पक्का था — लोगों की सेवा करनी है। जो उस निराशा के बाद भी अगले दिन किताब खोलकर बैठ जाता है, वही अंत में जीतता है।”

Rajasthan Cadre की इच्छा अनुज ने ETV Bharat को बताया — “मैं Rajasthan Cadre चाहूँगा, लेकिन जहाँ भी तैनाती होगी — सेवा के लिए तैयार हूँ।”


अनुज का यूपीएससी का सफर — एक नज़र में

पड़ावब्यौरा
10वींAtomic Energy Central School, रावतभाटा
12वींM.B. Public School, कोटा — 98%
2017NEET 306वीं रैंक, AIIMS Entrance 215वीं रैंक
2017–2023MBBS + Internship — AIIMS जोधपुर
2023UPSC CSE 2023 — DANICS में चयन
दिसंबर 2024DANICS SDM Probationer, दिल्ली
दूसरा प्रयासMains पास — Interview नहीं
6 मार्च 2026UPSC CSE 2025 — AIR 1 ✅

अनुज अग्निहोत्री के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अनुज अग्निहोत्री कहाँ के रहने वाले हैं? राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे की ताराकॉलोनी के रहने वाले हैं।

अनुज अग्निहोत्री के पिता क्या करते हैं? उनके पिता K.B. अग्निहोत्री NPCIL (Nuclear Power Corporation of India Limited) में तकनीशियन हैं।

अनुज अग्निहोत्री ने UPSC कितने प्रयासों में पास किया? तीन प्रयासों में। पहले में DANICS, दूसरे में Mains पास पर Interview नहीं, तीसरे में AIR 1।

अनुज अग्निहोत्री ने किस कॉलेज से MBBS किया? AIIMS जोधपुर से — 2017 में दाखिला, 2023 में MBBS और Internship पूरी।

अनुज अग्निहोत्री ने कोई कोचिंग ली थी? नहीं। पिता के अनुसार उन्होंने कभी कोई कोचिंग सेंटर नहीं जॉइन किया।

UPSC में अनुज का Optional Subject क्या था? Medical Science — AIIMS जोधपुर की MBBS की पढ़ाई को Optional में भी काम लिया।

अनुज अग्निहोत्री रोज़ कितने घंटे पढ़ते थे? पिता के मुताबिक रोज़ करीब 13 घंटे।

UPSC से पहले अनुज कहाँ कार्यरत थे? DANICS में SDM Probationer के रूप में दिसंबर 2024 से दिल्ली में ट्रेनिंग कर रहे थे।

UPSC CSE 2025 में AIR 2 और AIR 3 कौन हैं? AIR 2 — राजेश्वरी सुवे M, AIR 3 — आकांश धुल्ल।

UPSC CSE 2025 में कुल कितने उम्मीदवार चयनित हुए? 958 उम्मीदवार IAS, IFS, IPS सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए।


UPSC Topper Anuj Agnihotri Success Story: निष्कर्ष:

अनुज अग्निहोत्री की ‘AIIMS से AIR 1’ तक की यह यात्रा साबित करती है कि सही दिशा, अटूट मेहनत और मज़बूत इच्छाशक्ति के आगे दुनिया की कोई भी परीक्षा मुश्किल नहीं है। उनकी यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों और नौकरी के बीच अपने सपनों को हकीकत में बदलने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

अंत में

रावतभाटा की ताराकॉलोनी में एक तकनीशियन के बेटे ने देश की सबसे कठिन परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया।

न कोचिंग, न बड़े शहर की सुविधा, न AIIMS दिल्ली का पता।

बस — AIIMS जोधपुर की MBBS, 13 घंटे की पढ़ाई, बंद WhatsApp और परिवार को दिया एक साल का वायदा।

माँ मंजू का वह एक वाक्य सब कुछ कह देता है — “उसकी मेहनत और भगवान की कृपा — यही काम आई।”

रावतभाटा आज सिर्फ परमाणु ऊर्जा के लिए नहीं — देश के नंबर 1 IAS के घर के लिए भी जाना जाएगा।


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