“जब जज्बा हो जीत का तो समय कुछ भी मायने नहीं रखता”
IAS SIMI KARAN SUCCESS STORY : आज जहा युवा पीढ़ी जीवन में थोड़ा सा भी स्ट्रेस आते ही कुछ गलत कदम उठा लेता है, जिसकी वजह से उनके साथ ही परिवार जन को हानि पहुँचती है. वही यदि एक लड़की जो अभी मात्र 22 वर्ष की उम्र की है और एक ही वर्ष में देश की दो बड़ी परीक्षाए देते हुए अपनी सफलता के झंडे गाड़े और वो भी अपने पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग के तो कहने ही क्या.
कुछ ऐसा ही सच में कर दिखाया है आज की मोटिवेशनल स्टोरी की पात्र ‘आईएएस सिमी करन (IAS SIMI KARAN)’ ने.
सिमी करन ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा ‘सिविल सर्विसेज एग्जाम’ वर्ष 2019 की परीक्षा में देश में 31वी रैंक हासिल कर परिवार के साथ साथ देश को गौरवान्वित किया है. उनकी यह सफलता तब ज्यादा मायने रखती जब सिमी ने एक साथ एक ही वर्ष में देश की दो बड़ी परीक्षा आईआईटी (IIT) और यूपीएससी (UPSC) को पास किया है.

सिमी करन का आरंभिक जीवन –
सिमी करन का जन्म उड़ीसा में हुआ है, उनके पिता – डी एन करन छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में फाइनेंस में जीएम पोस्ट पर कार्यरत है, वही उनकी माता – सुजाता डीपीएस, दुर्ग में एक टीचर है.
सिमी करन की सारी पढाई-लिखाई छत्तीसगढ़ में हुई है जहा उन्होंने वर्ष 2013 में अपनी दसवीं बोर्ड पास की. इसके बाद वर्ष 2015 में विज्ञानं संकाय में अपनी 12वी की परीक्षा 98.4% मार्क्स लाकर राज्य में ‘प्रथम स्थान’ के साथ पुरे देश में 5वा स्थान प्राप्त किया. सिमी करन ने अपनी सारी स्कूली शिक्षा सीबीएससी बोर्ड से की है.
सिमी करन बचपन से ही पढाई में होशियार और जागरूक थी, इस वजह से उन्होंने स्कूली शिक्षा के बाद इंजीनियरिंग फील्ड में जाने के लिए जेईई एग्जाम दिया जिसमे उनका सिलेक्शन अच्छे मार्क्स के साथ हो गया और उन्हें आईआईटी मुंबई में एडमिशन मिल गया. अपनी आईआईटी में इंजीनियरिंग की पढाई के दौरान ही उन्हें लगने लगा की उन्हें एक बार सिविल सर्विस का एग्जाम भी देना चाहिए.
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इसके पीछे ‘स्ट्रांग रीज़न’ उन्हें इंजीनियरिंग की पढाई के दौरान एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी में मुंबई में स्थित स्लम एरिया के बच्चो को पढ़ाना होता था.
इसी एक्टिविटी के चलते सिमी ने बेहद करीब से इन गरीब बच्चो, और उनके जीवन को देखा जहा से उन्हें सामाजिक कार्यो की प्रेरणा मिली.
आईआईटी के साथ-साथ की तैयारी –
स्लम एरिया में बच्चो को पढ़ने के दौरान सिमी करन ने इन बच्चो से प्रभावित हो, अपने थर्ड ईयर में फैसला लेते हुए यूपीएससी परीक्षा की सारी जानकारी जुटाई और लग गयी एक जोश और जूनून के साथ अपनी तैयारी करने में.
सिमी करन ने दोनों परीक्षाओ की तैयारी टाइम मैनेजमेंट करते हुए की जहा उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आई, इस दौरान मात्र 4 महीने की सेल्फ स्टडी करते हुए सिमी करन ने सिविल सर्विसेज के एग्जाम को दिया था.

मई 2019 में उनके आईआईटी के फाइनल ईयर के एग्जाम हुए थे एवं इसके तुरंत बाद अगले माह जून 2019 में यूपीएससी के एग्जाम थे, जिसका की रिजल्ट इस साल अगस्त माह में आया था.
इस परीक्षा के लिए सिमी ने एक स्पेशल टेक्निक बना कर अध्ययन किया जिसमे उन्होंने सिलेक्टेड टॉपिक्स की सेल्फ स्टडी करते हुए बड़े अच्छे से तैयारी की, वे अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और उन गरीब बच्चो को देती है जिनकी वजह से उन्हें सिविल परीक्षा (UPSC) पास करने की प्रेरणा मिली.
आईएएस में चयनित होने के बाद सिमी करन देश के लिए महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर काम करना चाहती है.

जब सिमी करन ने इंटरव्यू में दिया गजब जवाब –
सिमी से इंटरव्यू के दौरान भी एक मजेदार सवाल पूछा गया था. जब इंटरव्यू लेने वाले पीनल ने पूछा की कैंपस में गाय क्यों आ जाती है तब उन्होंने बड़े मजाकिया अंदाज़ में जवाब देते हुए कहा की – “सर हमें यहाँ तक पहुंचने के लिए ना जाने कितनी पढाई और वर्षो की मेहनत करनी पड़ती है, ये किस्मत वाली है जो अपनी मर्जी से ही आईआईटी कैंपस में आ जाती है”.
अंत में सिमी करन आज की युवा पीढ़ी के लिए युथ आइकॉन है जो की समाज में बिखरी बुराई को बड़े पद पर रहते हुए दूर करने का हौसला रखते है.
ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.
तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…