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मां करती हैं मजदूरी, गांव वालों ने मारे ताने… राजस्थान की बेटी अनीता देवड़ा ने ऐसे पास की UPSC परीक्षा!

भोपालगढ़ (जोधपुर), khabarapkeliye.com विशेष रिपोर्ट: राजस्थान के एक छोटे और पिछड़े गांव से निकलकर लुटियंस दिल्ली (Lutyens’ Delhi) तक का सफर तय करने वाली अनीता देवड़ा की कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है।

एक ऐसा परिवार जहां पिता खेतों में दिन-रात पसीना बहाते हैं और मां दूसरों के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करती है, उस परिवार की बेटी ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास करके पूरे देश को चौंका दिया है। आज हर तरफ IAS Anita Deora Success Story की ही चर्चा है।

आइए विस्तार से जानते हैं कि विपरीत परिस्थितियों, घोर आर्थिक तंगी और सामाजिक तानों के बीच कैसे इस बेटी ने अपनी तकदीर खुद लिखी।

खास बातें:

  • 🏆 UPSC CSE 2025 में AIR 644 — IAS में चयन
  • 📍 भोपालगढ़, जोधपुर, राजस्थान
  • 👨 पिता: श्यामलाल देवड़ा — किसान
  • 👩 मां: खेतों में मज़दूरी — बेटी के लिए हर पैसा जोड़ा
  • 🏫 स्कूल: सैनी स्कूल, भोपालगढ़ — 12वीं में ब्लॉक टॉपर
  • 🎓 UPSC तैयारी: दिल्ली से की
  • 👨‍💼 चाचा: चेतन देवड़ा — सेवानिवृत्त IAS अधिकारी
  • 🇮🇳 UPSC CSE 2025 में कुल 958 उम्मीदवार चयनित

मां ने धूप में काम किया, बेटी ने किताबों में डूबकर जवाब दिया

अनीता देवड़ा के घर में दो हाथ हमेशा काम में लगे रहते थे — एक पिता के, जो खेत जोतते थे, और एक मां के, जो खेतों में मज़दूरी करने जाती थीं।

परिवार की आमदनी सीमित थी। पिता श्यामलाल देवड़ा की खेती अकेले घर नहीं चला पाती थी। ऐसे में मां ने खुद काम पर निकलना शुरू किया। धूप हो या सर्दी — वे खेतों में जाती रहीं। और जो पैसे कमाए, वे बेटी की किताबों, फीस और दिल्ली के खर्चों पर लगाती रहीं।

अनीता बताती हैं कि उनकी इस सफलता की नींव उनकी मां के उसी संघर्ष में रखी गई है। जब कभी मन थका या हिम्मत टूटने लगी, तब मां की मेहनत याद आई और दोबारा पढ़ने बैठ गईं।


सैनी स्कूल से ब्लॉक टॉपर, फिर दिल्ली की राह

अनीता ने भोपालगढ़ के सैनी स्कूल से पढ़ाई की। पढ़ाई में हमेशा आगे रहीं। 12वीं बोर्ड परीक्षा में पूरे ब्लॉक में पहला स्थान हासिल किया।

यह वह पल था जब उन्होंने तय किया — IAS बनना है।

परिवार छोटे से कस्बे का था, पैसे कम थे — लेकिन मां-बाप ने बेटी का सपना नहीं तोड़ा। उन्होंने अनीता को UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली भेजा। दिल्ली जैसे महंगे शहर में टिके रहना आसान नहीं था। लेकिन अनीता ने मेहनत जारी रखी और धैर्य नहीं खोया।


परिवार में पहले से है IAS का तजुर्बा — मगर घर की हालत थी तंग

अनीता के रिश्ते के चाचा चेतन देवड़ा सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। परिवार में वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, ADM, प्रोफेसर और ग्राम विकास अधिकारी भी हैं।

लेकिन यह जानना जरूरी है — इन सबके बावजूद अनीता के अपने घर की आर्थिक स्थिति हमेशा कमजोर रही। पिता छोटे किसान, मां मज़दूर। रिश्तेदारों का अनुभव था, लेकिन उनका पैसा या सुविधा अनीता तक नहीं पहुंची। यह सफलता पूरी तरह अनीता की अपनी लगन और मां के त्याग की कमाई है।


6 मार्च 2026 — जब भोपालगढ़ रो पड़ा खुशी से

6 मार्च 2026 की दोपहर को UPSC CSE 2025 का रिजल्ट सामने आया। राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री देश में पहले स्थान पर रहे। उसी परीक्षा में भोपालगढ़ की अनीता ने AIR 644 के साथ IAS में जगह बनाई।

जब घर में खबर पहुंची, मां की आंखें भर आईं। वे आंखें जिन्होंने सालों तक धूप और थकान झेली थी — उनमें उस दिन सिर्फ खुशी थी।

घर के बाहर बधाई देने वालों की भीड़ जमा हो गई। भोपालगढ़ में लंबे समय बाद ऐसी खुशखबरी आई थी।


UPSC क्या है — जो नहीं जानते उनके लिए

UPSC सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार बैठते हैं। UPSC CSE 2025 में सिर्फ 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ — IAS, IFS, IPS और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए।

यह परीक्षा तीन चरणों में होती है:

चरणपरीक्षा का स्वरूप
प्रीलिम्सदो Objective Papers — GS और CSAT
मेंस9 वर्णनात्मक प्रश्नपत्र + 1 Optional Subject
इंटरव्यूPersonality Test — 275 अंक

Final रैंक मेंस और इंटरव्यू के कुल अंकों से तय होती है।


अनीता का UPSC का सफर — एक नज़र में

पड़ावब्यौरा
प्रारंभिक शिक्षासैनी स्कूल, भोपालगढ़, जोधपुर
12वीं बोर्डपूरे ब्लॉक में पहला स्थान — IAS बनने का फैसला
दिल्लीUPSC की तैयारी — सालों का कठोर परिश्रम
6 मार्च 2026UPSC CSE 2025 — AIR 644 — IAS ✅

राजस्थान की बेटियों के लिए क्या सीख है अनीता की कहानी से

अनीता की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है।

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में आज भी लड़कियों की पढ़ाई को लेकर परिवारों में हिचकिचाहट देखी जाती है। आर्थिक तंगी अक्सर सपनों को बीच में काट देती है। लेकिन अनीता के मां-बाप ने अलग रास्ता चुना — मां ने मज़दूरी की, पिता ने खेत जोता, और बेटी को पढ़ने दिया।

इस परिवार ने यह साबित किया कि जब माता-पिता का भरोसा साथ हो, तो छोटे कस्बे की बेटियां भी देश की सबसे कठिन परीक्षा पास कर सकती हैं।


IAS Anita Deora Success Story: पूछे जाने वाले सवाल

अनीता देवड़ा कहां की हैं? राजस्थान के जोधपुर जिले के भोपालगढ़ की रहने वाली हैं।

अनीता देवड़ा के पिता का नाम क्या है? उनके पिता का नाम श्यामलाल देवड़ा है। वे किसान हैं।

अनीता देवड़ा की मां क्या करती हैं? उनकी मां खेतों में मज़दूरी करती हैं। उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से बेटी की पढ़ाई और दिल्ली का खर्च उठाया।

UPSC CSE 2025 में अनीता देवड़ा की रैंक क्या रही? अनीता देवड़ा ने UPSC CSE 2025 में AIR 644 हासिल की और IAS के लिए चयनित हुईं।

अनीता देवड़ा ने 12वीं कहां से की? भोपालगढ़ के सैनी स्कूल से — जिसमें उन्होंने पूरे ब्लॉक में पहला स्थान हासिल किया था।

क्या अनीता के परिवार में पहले भी कोई IAS रहा है? हां, उनके रिश्ते के चाचा चेतन देवड़ा सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। परिवार में रेलवे अधिकारी, ADM और प्रोफेसर भी हैं।

UPSC CSE 2025 में देश में पहला स्थान किसने पाया? राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने AIR 1 हासिल किया। वे AIIMS जोधपुर से MBBS हैं।

UPSC CSE 2025 में कुल कितने उम्मीदवार चयनित हुए? 958 उम्मीदवार IAS, IFS, IPS सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए चयनित हुए।


अंत में देश के युवाओं के लिए सीख

अनीता देवड़ा की कहानी का सबसे ताकतवर हिस्सा वह मां है जो किसी अखबार की सुर्खी में नहीं आई। जो कैमरे के सामने नहीं आई। जो बस हर सुबह खेत की तरफ निकल पड़ती थी — इस उम्मीद के साथ कि शाम को थककर घर लौटेगी, तो बेटी की किताबें एक पन्ना और आगे बढ़ी होंगी।

उस मां का नाम शायद दुनिया नहीं जानती। लेकिन AIR 644 के पीछे उसी मां की मेहनत है।

भोपालगढ़ की यह बेटी अब IAS अधिकारी है। और वह मां — अब एक IAS की मां है।