SHIKHA SHAH : कैसे एक साधारण लड़की बेकार व पुरानी चीज़ों को अनोखा बनाकर कर रही है कमाई

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SHIKHA SHAH

“अगर मुकद्दर का सिकन्दर बनना है, तो मेहनत को चुनना होगा न कि किस्मत को.”

SHIKHA SHAH SUCCESS STORY : क्या आप कभी यह कल्पना कर सकते है कि हमारे घर से निकलने वाला रोज़मर्रा का कूड़ा कचरा, जिसे हम कबाड़ समझकर यू ही फेंक देते है, उस कचरे से भी कई प्रकार की बेहद उपयोगी व खूबसूरत वस्तुए भी बनाई जा सकती है.

इतना ही नही उन सुन्दर वस्तुओं को देश से लेकर विदेशों तक लोग बहुत ही उत्सुकता के साथ खरीदने के लिए भी तत्पर है. अब आप कहोगे की यह तो असंभव है किंतु इस असंभव को संभव कर दिखाया है प्रकृति से बेहद प्यार करने वाली वाराणसी की एक साधारण सी ग्रेजुएट छात्रा शिखा शाह (SHIKHA SHAH) ने.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब स्टार्टअप इंडिया के कैम्पेन के तहत मेक इन इंडिया (Make In India) कार्यक्रम की शुरुआत की तो उससे प्रेरित होकर शिखा ने नगर निगम के कचरे को रिसाइकिल करते हुए काशी के हर घर को सवांरने की अनोखी ओर बेमिसाल कोशिश की शुरुआत की और इन वस्तुओं को तैयार करने के बाद फेसबुक और स्नैपडील के जैसी ऑनलाइन कंपनियो पर अपने प्रोडक्ट को बेचना शुरू किया.

शिखा शाह इस बारे में कहती है कि प्रधानमंत्री के स्टार्टअप इंडिया विज़न ने भारत मे रहने वाले हर वर्ग के लोगो की सोच को बदलने का काम किया है. आज देश के अस्सी प्रतिशत अभिभावक स्टॉर्टअप और मेक इन इंडिया को अच्छी तरह से समझने लगे हैं.

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SCRAPSHALA

कुछ अलग करने की चाह में शुरू किया अपना बिजनेस

शिखा शाह हमेशा से ही अपने माता पिता के सपनो को पूरा करने की चाह रखती थी ओर इसी चाह के चलते उन्होंने दिल्ली से एन्वॉयरमेंटल साइंस मे ग्रेजुएशन करने के बाद कुछ बड़े बदलाव की संभावना को देखते हुए एक बड़ी कंपनी मे नौकरी की.

किन्तु नौकरी करने के दौरान उन्होंने लोगों मे पर्यावरण के प्रति संवेदनहीनता को देखते हुए कुछ ऐसा अलग व्यवसाय करने की सोची जिससे की व्यापार में उन्हें लाभ भी हो, ओर उसी के साथ में गरीबों को नौकरी भी मिले व इसके साथ-साथ लोगों मे पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़े.

इसी कोशिश मे कुछ सालो पहले उन्होंने एक अनोखा प्रयोग करते हुए अपने घर से निकलने वाले कचरे को रिसाइकिल कर ऐसा खूबसूरत आकार दिया कि लोगो को उस प्रोडक्ट को देखकर विश्वास ही नहीं हुआ की कभी कचरे से भी इतनी उपयोगी और खूबसूरत चीज़े बनाई जा सकती है.

शिखा शाह ने अपनी इसी कोशिश को आगे बढ़ाते हुए “स्क्रैपशाला” (SCRAPSHALAS) नाम से एक कंपनी की शुरुआत करते हुए नगर निगम के बेकार पड़े कचरे को बीस हज़ार रूपए मे खरीदते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आधा दर्ज़न से अधिक बेरोज़गार हुनरमंद लोगो को अपने यहाँ पर रोज़गार दिया और इसी के साथ ही समाज मे स्वच्छता का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया.

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SCRAPSHALA

स्वच्छ भारत अभियान से मिला SHIKHA SHAH के सपनो को बल

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Narendra Modi) के स्वच्छ भारत अभियान ने तो जैसे उस समय शिखा शाह के हौसलों मे चार चाँद ही लगा दिए. इस अभियान के तहत जब काशी की सभी गन्दी दीवारों को शिखा शाह के साथ उनकी टीम जब रंगों से सवारती है तो स्थानीय लोग भी उनके इस कार्य में अपना हाथ बंटाते हुए जुड़ जाते है.

शिखा शाह का व्यापार भी अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है और उन्होंने अपनी वर्कशॉप को भी नई जगह शिफ़्ट कर लिया है. इसके साथ ही शिखा अब देश के शहरों के तमाम स्थानों पर अपना आउटलेट खोलना चाहती हैं. शिखा के साथ जुड़े हुए सभी लोग भी अपने काम से बेहद खुश व संतुष्ट हैं.

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SCRAPSHALA

साथ में काम करने वाले कारीगर है संतुष्ट

शिखा के यहाँ काम करने वाले कारीगर प्रदीप और मुरारी कहते हैं कि वे काम करते हुए कमाई तो पहले भी थे लकिन उस कमाई से दोनों समय का खाना भी नहीं मिल पाता था किन्तु आज वे इस कचरे को संवार कर अपना और अपने परिवार का जीवन बहुत अच्छे से संवार रहे हैं.

जो महिलायें पहले किसी समय कुर्सी और चारपाई बीनने का काम करती थी वही अब पुराने टायर को बीन कर उसे कुर्सी की तरह बनाकर बेचती है ओर उससे अच्छा पैसा भी कमाने लगी हैं. वह और उनका पूरा परिवार उनके इस काम से बेहद खुश है.

शिखा की माँ भी आज अपनी बेटी की इस सफलता से बेहद खुश हैं. शिखा की माँ का कहना है कि जो काम उनकी बेटी ने उनके सपनो को पूरा करने के लिया किया है, उसे शायद एक बेटा कभी भी पूरा नहीं कर सकता था. वर्तमान समय में शिखा के पीछे कारवां सा बनता जा रहा है.

उनका काम प्रतिदिन तरक़्क़ी करने के साथ उनकी सालाना आमदनी भी बढ़ती ही जा रही है. उन्होंने अपनी प्रतिभा, लगन और मेहनत के दम पर यह साबित कर दिया है कि अगर किसी व्यक्ति के मन में कुछ करने की चाह हो तो उसके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है फिर चाहे उसके सामने आने वाली परिस्थितियां कितनी भी विषम क्यों ना हो.

ओर एक बात ओर आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करे ताकि लोग इससे प्रेरणा ले सके.

तो दोस्तों फिर मिलते है एक और ऐसे ही किसी प्रेणादायक शख्शियत की कहानी के साथ…

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