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बार-बार बुखार और थकान हैं ब्लड कैंसर के संकेत! एक्सपर्ट से जानें लक्षण और बचाव

ब्लड कैंसर (Blood Cancer) या रक्त कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। हाल ही में इंग्लैंड में एक 42 वर्षीय व्यक्ति को हल्का दांत दर्द हुआ, जांच में पता चला कि वह खतरनाक ब्लड कैंसर से पीड़ित है।

यह घटना बताती है कि छोटे-मोटे लक्षण भी कैंसर का संकेत हो सकते हैं। इस लेख में हम ब्लड कैंसर के शुरुआती लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे।

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ब्लड कैंसर Key Highlights

  • ब्लड कैंसर के 7 प्रमुख लक्षण
  • रक्त कैंसर के तीन मुख्य प्रकार
  • समय पर इलाज से 100% ठीक होना संभव
  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट से आधुनिक उपचार
  • कैंसर से बचाव के उपाय

ब्लड कैंसर क्या है? (What is Blood Cancer?)

ब्लड कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो रक्त (Blood), अस्थि मज्जा (Bone Marrow), लसीका (Lymph Node) और लसीका प्रणाली (Lymphatic System) को प्रभावित करता है। यह तब होता है जब शरीर में असामान्य श्वेत रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) का अत्यधिक उत्पादन होने लगता है।

ये असामान्य कोशिकाएं स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं और शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देती हैं।

मेदांता लखनऊ के हेमेटो ऑंकोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग के निदेशक डॉ. अंशुल गुप्ता के अनुसार, रक्त कैंसर का अर्थ है हमारे रक्त में मौजूद इंफेक्शन से लड़ने वाली कोशिकाओं (न्यूट्रोफिल्स या लिम्फोसाइट्स) में कैंसर का विकास होना।

ब्लड कैंसर के प्रकार (Types of Blood Cancer)

ब्लड कैंसर मुख्यतः तीन प्रकार का होता है:

1. ल्यूकेमिया (Leukemia)

ल्यूकेमिया रक्त का कैंसर है जो अस्थि मज्जा में बनता है। इसमें शरीर बहुत अधिक असामान्य श्वेत रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स बनाने की क्षमता में बाधा डालती हैं।

2. लिंफोमा (Lymphoma)

लिंफोमा एक रक्त कैंसर है जो लिम्फोसाइट्स नामक कोशिकाओं से लसीका तंत्र (Lymphatic System) में विकसित होता है। इसमें रीड-स्टर्नबर्ग नामक असामान्य कोशिका पाई जाती है।

3. मायलोमा (Myeloma)

मल्टीपल मायलोमा एक रक्त कैंसर है जो रक्त की प्लाज्मा कोशिकाओं में शुरू होता है, जो अस्थि मज्जा में बनी एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिका होती है।

ब्लड कैंसर के प्रमुख लक्षण (Symptoms of Blood Cancer)

डॉ. अंशुल गुप्ता ने ब्लड कैंसर के निम्नलिखित प्रमुख लक्षण बताए हैं:

लक्षणविवरण
खून की कमी (एनीमिया)लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
बार-बार बुखार आनाबिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार बुखार होना
अत्यधिक थकानसामान्य से अधिक थकान, आराम करने के बाद भी दूर न होना
हड्डियों और जोड़ों में दर्दहड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द बना रहना
चलने-फिरने में कठिनाईथोड़ी देर चलने के बाद हांफने लगना
रात में बुखार और पसीनारात के समय बुखार और अत्यधिक पसीना आना
खांसी या सीने में दर्दलगातार खांसी और सीने में दर्द रहना
आसानी से चोट या खून बहनामामूली चोट से भी ज्यादा खून बहना
भूख न लगना और वजन कम होनाबिना कारण वजन कम होना
गर्दन, बगल में सूजनलिम्फ नोड्स में सूजन 

डॉ. गुप्ता कहते हैं कि ये सामान्य से दिखने वाले लक्षण कई बार ब्लड कैंसर का संकेत हो सकते हैं। यदि आपको या आपके किसी परिचित को इस प्रकार के लक्षण दिखाई दें, तो जल्द से जल्द किसी फिजिशियन या हेमेटो ऑंकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

ब्लड कैंसर के कारण (Causes of Blood Cancer)

ब्लड कैंसर के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  1. लंबे समय तक संक्रमण: शरीर में लंबे समय तक संक्रमण (Infection) रहने से ब्लड कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
  2. कमजोर इम्यून सिस्टम: अगर किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर है तो उसे ब्लड कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।
  3. एचआईवी/एड्स: एचआईवी और एड्स जैसे संक्रमण प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देते हैं, जिससे ब्लड कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  4. रेडिएशन थेरेपी: अन्य कैंसर के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली रेडिएशन थेरेपी की उच्च खुराक भी ब्लड कैंसर का कारण बन सकती है।

ब्लड कैंसर का निदान (Diagnosis of Blood Cancer)

ब्लड कैंसर का निदान निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है:

1. शारीरिक परीक्षण (Physical Examination)

डॉक्टर रक्त कैंसर के शारीरिक लक्षणों पर गौर करता है, जैसे एनीमिया के कारण पीली त्वचा, लिम्फ नोड्स की सूजन, और यकृत (Liver) व प्लीहा (Spleen) का बढ़ना।

2. प्रयोगशाला परीक्षण (Laboratory Tests)

  • पूर्ण रक्त गणना (CBC): विभिन्न रक्त कोशिकाओं की मात्रा का अध्ययन।
  • पेरिफेरल स्मीयर परीक्षा: रक्त कोशिकाओं का विस्तार से मूल्यांकन।
  • फ्लो साइटोमेट्री: कोशिकाओं पर मौजूद एंटीजन का पता लगाना।

3. अस्थि मज्जा अध्ययन (Bone Marrow Study)

  • बोन मैरो बायोप्सी: अस्थि मज्जा से कैंसर कोशिकाओं का नमूना निकालना।
  • अस्थि मज्जा आकांक्षा: अस्थि मज्जा के द्रव भाग से नमूना लेना।

ब्लड कैंसर का इलाज (Treatment of Blood Cancer)

डॉ. अंशुल गुप्ता के अनुसार, आज के समय में ब्लड कैंसर एक इलाज योग्य बीमारी है। यदि इसका समय पर पता चल जाए और उपचार शुरू हो जाए, तो यह 100% इलाज योग्य है।

आधुनिक उपचार विधियां

  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट: डॉ. गुप्ता बताते हैं कि आज भारत में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की तकनीक आसानी से उपलब्ध है। इस तकनीक के माध्यम से, पहले जो कैंसर लाइलाज माने जाते थे, जैसे एक्यूट माइलॉइड ल्यूकेमिया, वे भी अब इलाज योग्य हो गए हैं।
  • कीमोथेरेपी: दवाओं के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना
  • रेडिएशन थेरेपी: विकिरण से कैंसर कोशिकाओं को खत्म करना
  • टार्गेटेड थेरेपी: सिर्फ कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाने वाली दवाएं

ब्लड कैंसर से बचाव के उपाय (Prevention Tips)

ब्लड कैंसर से बचाव के लिए कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन कुछ उपाय जोखिम को कम कर सकते हैं:

  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
  • धूम्रपान और शराब से बचें
  • रसायनों के संपर्क से बचें
  • नियमित चेकअप कराएं
  • शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. ब्लड कैंसर क्या है?

ब्लड कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें रक्त में मौजूद इंफेक्शन से लड़ने वाली कोशिकाओं में कैंसर का विकास होता है।

2. ब्लड कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

प्रमुख लक्षणों में खून की कमी, बार-बार बुखार, अत्यधिक थकान, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, और रात में पसीना आना शामिल हैं।

3. क्या ब्लड कैंसर ठीक हो सकता है?

हां, आज के समय में ब्लड कैंसर एक इलाज योग्य बीमारी है। समय पर पता चलने पर यह 100% इलाज योग्य है।

4. ब्लड कैंसर के लिए कौन-कौन सी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं?

बोन मैरो ट्रांसप्लांट, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं।

5. क्या बच्चों को भी ब्लड कैंसर हो सकता है?

हां, बच्चों को भी ब्लड कैंसर हो सकता है। ल्यूकेमिया बच्चों में होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है।