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ATM से पैसे निकालना पड़ेगा महंगा — हर बार कटेंगे ₹27, जानिए 2026 के नए नियम और बचने के पाँच तरीके

ATM Withdrawal New Rules 2026: पिछले महीने दिल्ली के करोल बाग में किराने की दुकान चलाने वाले सुरेश यादव ने अपना बैंक खाता खोला तो माथा ठनका। महीने में आठ बार एटीएम से पैसे निकाले थे — जब जरूरत पड़ी, निकाल लिए।

लेकिन खाते में तीन अलग-अलग जगह ₹27.14 की कटौती दर्ज थी। यानी बिना कुछ खरीदे, बिना कोई सेवा लिए, ₹81 चले गए।

जब बैंक की शाखा में गए, तो कर्मचारी ने बस इतना कहा — “साहब, मुफ्त लेनदेन की सीमा खत्म हो गई थी।”

सुरेश अकेले नहीं हैं। भारत में लाखों खाताधारक हर महीने ऐसे ही चुपचाप यह रकम गँवा देते हैं — सिर्फ इसलिए कि उन्हें नियम नहीं पता। और अब 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशा-निर्देशों के बाद यह सब और स्पष्ट हो गया है।

ATM Withdrawal New Rules 2026: नियम बदला कब और क्यों?

1 मई 2025 को भारतीय रिजर्व बैंक ने एटीएम लेनदेन से जुड़े नियमों में बदलाव किया। यह बदलाव 2026 में भी पूरी तरह लागू है और इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है।

रिजर्व बैंक ने खुद इसकी वजह बताई है। देश भर में एटीएम नेटवर्क को चलाना बेहद महंगा हो गया है। नकद की सुरक्षा, मशीनों की देखरेख, बिजली, इंटरनेट और बीमा — इन सब खर्चों का बोझ बैंकों पर बढ़ता जा रहा है।

इसीलिए रिजर्व बैंक ने बैंकों को प्रति अतिरिक्त लेनदेन अधिकतम ₹23 वसूलने की अनुमति दी है। पहले यह सीमा ₹21 थी।

लेकिन असली कटौती ₹23 नहीं, ₹27.14 होती है। क्योंकि इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से लगता है। यानी हर अतिरिक्त निकासी पर ₹27 से ज्यादा आपके खाते से निकल जाते हैं।

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महानगर और छोटे शहर — दो अलग नियम

यह वह जानकारी है जो बहुत कम लोगों को पता है और जिसकी अनदेखी सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाती है।

रिजर्व बैंक ने शहर के आधार पर मुफ्त लेनदेन की सीमा अलग-अलग तय की है।

महानगरों में अपने बैंक के एटीएम से हर महीने पाँच लेनदेन मुफ्त मिलते हैं। लेकिन दूसरे बैंक के एटीएम पर यही सीमा घटकर तीन रह जाती है। छोटे शहरों और गाँवों में यह थोड़ी राहत है — वहाँ दूसरे बैंक के एटीएम पर भी पाँच लेनदेन मुफ्त हैं।

रिजर्व बैंक के अनुसार महानगरों में फिलहाल छह शहर आते हैं — बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली।

यानी अगर आप दिल्ली में रहते हैं और एचडीएफसी बैंक का कार्ड है, तो किसी अन्य बैंक के एटीएम से महीने में सिर्फ तीन बार मुफ्त पैसे निकाल सकते हैं। चौथी बार एटीएम पर गए तो ₹27 कट जाएँगे।

एक और बात जो अक्सर लोग नहीं जानते — यह सीमा केवल नकद निकासी पर नहीं लागू होती। एटीएम पर बैलेंस जाँचना भी इसी मुफ्त सीमा में गिना जाता है।

यानी अगर आपने दो बार बैलेंस चेक किया और एक बार पैसे निकाले, तो तीनों लेनदेन आपकी मासिक सीमा से कट जाएँगे।

ATM Withdrawal New Rules 2026: बड़े बैंकों के नियम एक नजर में

बैंकअपने एटीएम पर मुफ्तदूसरे एटीएम पर मुफ्त (महानगर)दूसरे एटीएम पर मुफ्त (छोटे शहर)अतिरिक्त शुल्क
भारतीय स्टेट बैंक535₹15+जीएसटी (SBI ATM), ₹21+जीएसटी (अन्य)
एचडीएफसी बैंकअसीमित35₹23+जीएसटी
पंजाब नेशनल बैंक535₹23+जीएसटी
आईसीआईसीआई बैंक535₹21+जीएसटी
एक्सिस बैंक535₹23+जीएसटी
इंडसइंड बैंकअसीमित35₹23+जीएसटी

इंडसइंड बैंक और एचडीएफसी बैंक अपने ग्राहकों को अपने खुद के एटीएम पर असीमित मुफ्त निकासी देते हैं। जो लोग बार-बार एटीएम जाते हैं, उनके लिए यह एक फायदे की बात है।

एसबीआई के वेतन खाताधारकों के लिए विशेष सुविधा: एसबीआई के वेतन पैकेज खातों पर देश भर में किसी भी एटीएम — चाहे एसबीआई का हो या किसी अन्य बैंक का — असीमित मुफ्त लेनदेन मिलते हैं।

एसबीआई का विशेष नियम — खाते में जितना पैसा, उतनी ज्यादा सुविधा

फरवरी 2025 में भारतीय स्टेट बैंक ने अपने नियमों में एक और बदलाव किया। अब एसबीआई ने मुफ्त लेनदेन की सीमा खाते में औसत मासिक शेष राशि के आधार पर तय की है।

जिन खाताधारकों के खाते में औसतन एक लाख रुपये से अधिक रहते हैं, उन्हें एसबीआई और अन्य बैंकों के एटीएम — दोनों पर असीमित मुफ्त लेनदेन मिलते हैं।

साधारण बचत खाताधारकों को एसबीआई के एटीएम पर पाँच और अन्य बैंकों के एटीएम पर तीन से दस मुफ्त लेनदेन मिलते हैं — खाते में रकम जितनी ज्यादा, सुविधा उतनी अधिक।

एक दिन में ATM से कितना निकाल सकते हैं?

एटीएम से एक दिन में कितना पैसा निकाल सकते हैं, यह आपके कार्ड की श्रेणी पर निर्भर करता है।

कार्ड का प्रकारप्रतिदिन सीमा
सामान्य / क्लासिक कार्ड₹20,000 — ₹25,000
गोल्ड / प्लेटिनम कार्ड₹50,000 — ₹1,00,000
प्रीमियम / बर्गंडी कार्ड₹1,00,000 — ₹3,00,000

एक जरूरी बात — अधिकांश एटीएम मशीनें एक बार में ₹10,000 से ₹25,000 तक ही देती हैं। इसलिए ₹40,000 निकालने के लिए दो अलग-अलग लेनदेन करने पड़ सकते हैं। और दोनों लेनदेन मुफ्त सीमा में गिने जाएँगे।

बिना कार्ड के एटीएम — 2026 की नई सुविधा

अब एटीएम से पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड जरूरी नहीं। यह 2026 का सबसे उपयोगी बदलाव है।

रिजर्व बैंक की अनुमति से शुरू हुई ‘यूपीआई-एटीएम’ सेवा के जरिए कोई भी ग्राहक यूपीआई ऐप से एटीएम का क्यूआर कोड स्कैन करके प्रति लेनदेन ₹10,000 तक नकद निकाल सकता है। भीम, गूगल पे, फोनपे — किसी भी यूपीआई ऐप से यह काम होता है।

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कार्ड स्किमिंग जैसी धोखाधड़ी का डर नहीं रहता। जिन्हें कार्ड खोने का डर रहता है, वे भी निश्चिंत होकर एटीएम इस्तेमाल कर सकते हैं।

जनधन और बीएसबीडी खाताधारकों के लिए राहत

1 अप्रैल 2026 से सभी बैंकों को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट यानी बीएसबीडी खातों पर हर महीने कम से कम चार मुफ्त नकद निकासी देनी होगी।

इसमें अन्य बैंकों के एटीएम से निकासी भी शामिल होगी। यूपीआई, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसे डिजिटल लेनदेन इस सीमा में नहीं गिने जाएँगे।

यह किसानों, दिहाड़ी मजदूरों और छोटे दुकानदारों के लिए राहत की खबर है जिनके जनधन या जीरो बैलेंस खाते हैं। उनसे कम से कम चार बार निकासी पर कोई शुल्क नहीं काटा जा सकता।

क्या बैंक ATM WITHDRAWL पर मनमाने शुल्क ले सकते हैं?

नहीं। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट कहा है कि ₹23 अधिकतम सीमा है। बैंक इससे कम शुल्क ले सकते हैं लेकिन अधिक नहीं। हालाँकि अधिकांश बैंक इस अधिकतम सीमा पर ही शुल्क वसूल रहे हैं।

कैश रिसाइक्लर मशीनों यानी सीआरएम पर भी यही नियम लागू होता है — नकद जमा करने को छोड़कर। जो लोग यह सोचकर सीआरएम का इस्तेमाल करते थे कि वहाँ शुल्क नहीं लगता, उनके लिए यह जानना जरूरी है।

एक अच्छी बात — असफल लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगता। अगर तकनीकी खराबी, मशीन में नकद न होने या गलत पिन की वजह से पैसे नहीं निकले, तो वह लेनदेन मुफ्त सीमा में नहीं गिना जाएगा।

विदेश में एटीएम इस्तेमाल करते हैं?

विदेशी एटीएम पर निकासी बेहद महंगी पड़ती है। न्यूनतम ₹100 के अलावा 3.5 प्रतिशत करेंसी कन्वर्जन शुल्क और जीएसटी अलग से लगता है। विदेश यात्रा पर जाने से पहले फॉरेक्स कार्ड लेना कहीं ज्यादा समझदारी है।

अब बैंकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे विदेशी एटीएम से निकासी से पहले ग्राहक को पूरे शुल्क की जानकारी दें।

₹27 से बचना है? — पाँच सीधे उपाय

नियम बदले नहीं जा सकते, लेकिन थोड़ी सावधानी से इस कटौती से बचा जरूर जा सकता है।

कम जाएँ, ज्यादा निकालें। बार-बार एटीएम जाने की आदत ही सबसे बड़ी समस्या है। महीने की शुरुआत में एक बार जाकर हफ्ते भर का खर्च निकाल लें।

हमेशा अपने बैंक का एटीएम चुनें। महानगर में दूसरे बैंक के एटीएम पर सीमा सिर्फ तीन है, अपने बैंक पर पाँच। यह फर्क छोटा लगता है लेकिन महीने के अंत में भारी पड़ता है।

जहाँ यूपीआई चले, वहाँ नकद की जरूरत नहीं। सब्जी, दुकान, ऑटो, रेस्तराँ — हर जगह यूपीआई से भुगतान करें। इससे एटीएम लेनदेन की गिनती नहीं बढ़ती।

बैलेंस एटीएम पर मत जाँचें। बैलेंस देखना भी मुफ्त सीमा में गिना जाता है। बैंक ऐप, 99# यूएसएसडी या मिस्ड कॉल सेवा से बैलेंस देखें — यह बिल्कुल मुफ्त है।*

मासिक सीमा पर नजर रखें। बैंक ऐप में कार्ड प्रबंधन खंड में जाकर देखें कि इस महीने कितने मुफ्त लेनदेन बचे हैं। एसएमएस सूचनाएँ चालू रखें।

गलत शुल्क कटा हो तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि एटीएम शुल्क गलत कटा है, तो तुरंत बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर शिकायत दर्ज करें या ऐप में विवाद दर्ज करें।

रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंक को सात कार्य दिवसों में समाधान देना होगा। अगर बैंक समय पर समाधान नहीं देता, तो उसे प्रतिदिन ₹100 का जुर्माना भरना पड़ेगा।

शिकायत का निपटारा न हो तो RBI की शिकायत प्रबंधन प्रणाली यानी cms.rbi.org.in पर भी शिकायत की जा सकती है।

2026 के एटीएम नियम — एक नजर में

नियमविवरण
मुफ्त सीमा (महानगर)अपना बैंक — 5, दूसरा बैंक — 3
मुफ्त सीमा (छोटे शहर)अपना बैंक — 5, दूसरा बैंक — 5
अतिरिक्त शुल्क₹23 + 18% जीएसटी = ₹27.14
बैलेंस जाँचमुफ्त सीमा में गिनी जाती है
असफल लेनदेनमुफ्त सीमा में नहीं गिनी जाती
यूपीआई-एटीएम सीमाप्रति लेनदेन ₹10,000
बीएसबीडी खाता1 अप्रैल 2026 से 4 मुफ्त निकासी अनिवार्य
दैनिक सीमा₹10,000 — ₹1,00,000 (कार्ड पर निर्भर)

ATM Withdrawal से संबंधित पाठकों के सामान्य सवाल

क्या एटीएम पर बैलेंस जाँचने पर भी पैसे कटते हैं?
हाँ। बैलेंस जाँचना भी मासिक मुफ्त सीमा में गिना जाता है। मुफ्त सीमा खत्म होने के बाद बैलेंस जाँच पर भी ₹11 और जीएसटी अलग से लग सकता है। बैंक ऐप से बैलेंस देखें — वह हमेशा मुफ्त है।

एक से ज्यादा खाते हैं तो क्या सीमा अलग-अलग मिलती है?
हाँ। हर खाते की अपनी मुफ्त सीमा होती है। लेकिन अगर एक ही डेबिट कार्ड से दोनों खाते संचालित होते हैं, तो नियम कार्ड के अनुसार लागू होगा।

असफल लेनदेन पर क्या शुल्क लगता है?
नहीं। तकनीकी खराबी, मशीन में नकद न होने या गलत पिन की वजह से असफल लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं और न ही वह मुफ्त सीमा में गिनी जाती है।

यूपीआई-एटीएम से एक बार में कितना निकाल सकते हैं?
प्रति लेनदेन ₹10,000 तक। यह आपकी दैनिक यूपीआई सीमा में गिना जाता है। भीम, गूगल पे या फोनपे — किसी भी ऐप से किया जा सकता है।

जनधन खाते पर क्या नियम हैं?
जनधन और बीएसबीडी खाताधारकों को 1 अप्रैल 2026 से हर महीने कम से कम चार मुफ्त नकद निकासी का अधिकार है — किसी भी बैंक के एटीएम पर।

अंत में

सुरेश यादव ने जब यह सब समझा, तो उन्होंने एक सरल बदलाव किया। अब वे महीने की पहली तारीख को एक बार एसबीआई के एटीएम पर जाते हैं, ₹5,000 निकाल लेते हैं और बाकी सब यूपीआई से चलाते हैं। पिछले दो महीने से उनके खाते से एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं कटा।

यही है 2026 में एटीएम इस्तेमाल करने का सही तरीका। नियम बदल गए हैं। बैंक अब पहले से ज्यादा शुल्क वसूल रहे हैं। लेकिन जिसे अपनी सीमा पता है, जो समझदारी से एटीएम जाता है और जहाँ हो सके यूपीआई इस्तेमाल करता है — उसकी जेब से ₹27 कभी नहीं कटते।

यह लेख अपने परिवार और दोस्तों को जरूर भेजें — खासकर उन्हें जो हर छोटी-बड़ी जरूरत पर बार-बार एटीएम दौड़ते हैं।

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