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रसोई गैस सिलेंडर के ताजा दाम — फरवरी 2026 में घरेलू सिलेंडर स्थिर, व्यावसायिक में ₹49 का उछाल, जानिए अपने शहर का भाव!

LPG Gas Cylinder Price Today 2026: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की सविता देवी हर महीने की पहली तारीख का बेसब्री से इंतजार करती हैं। उस दिन तेल कंपनियाँ गैस सिलेंडर के नए दाम तय करती हैं और उनके पाँच लोगों के परिवार का महीने भर का खाने-पीने का बजट उसी एक नंबर पर टिका होता है। सिलेंडर महंगा हो तो सब्जी कम आती है, सस्ता हो तो थोड़ी राहत मिलती है।

फरवरी 2026 में सविता देवी जैसे करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है — घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े। लेकिन होटल, ढाबे और चाय की दुकान चलाने वालों के लिए 1 फरवरी को एक झटका आया। व्यावसायिक सिलेंडर ₹49 और महंगा हो गया — वह भी ठीक उस दिन जब संसद में बजट पेश हो रहा था।

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रसोई गैस सिलेंडर के आज के ताजा दाम — अपने शहर का भाव देखिए

घरेलू सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) — फरवरी 2026

शहरदाम
नई दिल्ली₹853.00
मुंबई₹852.50
कोलकाता₹879.00
चेन्नई₹868.50
बेंगलुरु₹855.50
हैदराबाद₹905.00
गाजियाबाद₹850.50

व्यावसायिक सिलेंडर (19 किलोग्राम) — फरवरी 2026

शहरदाम
नई दिल्ली₹1,740.50
मुंबई₹1,692.00
कोलकाता₹1,844.50
चेन्नई₹1,899.50
बेंगलुरु₹1,814.00
हैदराबाद₹1,961.50

(स्रोत: इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट एवं गुडरिटर्न्स — 23 फरवरी 2026)

याद रखें: एलपीजी के दाम हर महीने की पहली तारीख को बदलते हैं। अपने शहर का सटीक और ताजा भाव जानने के लिए iocl.com या mylpg.in पर जाएँ।

एक महीने में क्या बदला — जनवरी से फरवरी का पूरा हिसाब

घरेलू सिलेंडर के दाम में इस महीने कोई बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में ₹853 का दाम अप्रैल 2025 से लगातार स्थिर है। यह उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है।

व्यावसायिक सिलेंडर की कहानी बिल्कुल उलट है। 1 फरवरी को 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर में ₹49 की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले जनवरी 2026 में ₹111 का भारी उछाल आया था। यानी केवल दो महीनों में व्यावसायिक सिलेंडर ₹160 महंगा हो चुका है।

तेल कंपनियाँ — इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम — हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों के आधार पर व्यावसायिक सिलेंडर के दाम तय करती हैं।

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LPG Gas Cylinder Price Today 2026: पिछले एक साल में घरेलू सिलेंडर के दाम कैसे बदले?

पिछले बारह महीनों पर नज़र डालें तो घरेलू सिलेंडर में कुल ₹50 की बढ़ोतरी हुई है। यह पूरा बदलाव एक बार में अप्रैल 2025 में आया। उसके बाद से दाम स्थिर हैं।

लेकिन इसके पीछे की असली कहानी और भी दिलचस्प है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत बढ़ी, फिर भी सरकार ने वह बोझ घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं डाला। पेट्रोलियम मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार एक सिलेंडर की असली लागत लगभग ₹950 है, लेकिन आम उपभोक्ता उसे ₹853 में पाता है। यह अंतर सरकार भरती है। इसकी वजह से तेल विपणन कंपनियों को लगभग ₹40,000 करोड़ का घाटा हुआ, जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने ₹30,000 करोड़ का मुआवजा दिया।

व्यावसायिक सिलेंडर क्यों लगातार महंगा हो रहा है?

व्यावसायिक एलपीजी का दाम पूरी तरह बाजार के हवाले है। इस पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सऊदी अरामको का ‘कॉन्ट्रैक्ट प्राइस’ बढ़ता है या डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो व्यावसायिक सिलेंडर का दाम सीधे ऊपर चढ़ता है।

इसका सबसे गहरा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ता है। एक छोटी चाय की दुकान जो महीने में तीन व्यावसायिक सिलेंडर इस्तेमाल करती है, उसे केवल पिछले दो महीनों की बढ़ोतरी के चलते अब हर महीने ₹480 अधिक चुकाने पड़ेंगे। ढाबे और छोटे रेस्तराँ जो दस से बारह सिलेंडर महीने में जलाते हैं, उन पर ₹1,600 का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। यह रकम आखिरकार खाने की थाली और चाय के गिलास की कीमत में जोड़ दी जाती है।

उज्ज्वला योजना — गरीब परिवारों के लिए क्या है खास?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना यानी पीएमयूवाई के तहत देश में 10.33 करोड़ से अधिक परिवार एलपीजी कनेक्शन पा चुके हैं। इनमें से अधिकतर वे महिलाएँ हैं जो पहले लकड़ी और उपले जलाकर खाना पकाती थीं।

इन परिवारों के लिए सरकार वित्त वर्ष 2025-26 में हर सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में देती है। यह सुविधा साल में अधिकतम नौ सिलेंडर तक मिलती है। इसके लिए सरकार ने ₹12,000 करोड़ खर्च करने की मंजूरी दी है।

इसका सीधा मतलब यह है कि दिल्ली में एक उज्ज्वला लाभार्थी परिवार को एक सिलेंडर पर ₹853 नहीं, असल में ₹553 देने पड़ते हैं। साल भर में ₹2,700 तक की बचत होती है।

एक बात ध्यान देने की है — पिछले साल यह सब्सिडी 12 सिलेंडर तक मिलती थी। इस साल इसे घटाकर नौ कर दिया गया है। सरकार ने कारण नहीं बताया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी की माँग अब उस सीमा तक पहुँच गई है जहाँ इतनी अधिक सब्सिडी की जरूरत कम हो गई है।

छोटा सिलेंडर, बड़ा सिलेंडर — पूरी जानकारी

हर घर में 14.2 किलोग्राम का बड़ा सिलेंडर नहीं होता। अकेले रहने वाले या छोटे परिवारों के लिए पाँच किलोग्राम का सिलेंडर भी उपलब्ध है।

फरवरी 2026 में दिल्ली में पाँच किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत ₹317.50 है। मुंबई में ₹317 और हैदराबाद में ₹335.50।

बड़े होटलों, उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 47.5 किलोग्राम का भारी सिलेंडर भी मिलता है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹4,348 है जबकि हैदराबाद में यह ₹4,900.50 तक पहुँच गई है।

गैस सिलेंडर के दाम कैसे तय होते हैं — पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में

भारत अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत एलपीजी विदेश से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत सऊदी अरामको के ‘सीपी’ यानी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस से तय होती है।

हर महीने तेल कंपनियाँ तीन मुख्य चीजें देखकर नए दाम तय करती हैं — अंतरराष्ट्रीय एलपीजी की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, और भारत में आयात-भंडारण-वितरण की लागत।

घरेलू सिलेंडर के लिए सरकार यह तय करती है कि कितना बोझ उपभोक्ता पर डाला जाए। व्यावसायिक सिलेंडर पर ऐसा कोई नियंत्रण नहीं — वहाँ बाजार जो तय करे, वही दाम।

गैस सिलेंडर पर सब्सिडी मिल रही है या नहीं — अभी जाँचें

बहुत से लोग यह नहीं जानते कि उनके खाते में सब्सिडी आ रही है या नहीं। जाँचना बहुत आसान है।

mylpg.in पर जाएँ और अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर या एलपीजी आईडी डालें। वहाँ पिछले सभी लेनदेन और सब्सिडी का पूरा इतिहास दिखता है।

अगर सब्सिडी नहीं आ रही तो इन बातों की जाँच करें — आधार और बैंक खाता गैस कंपनी के पोर्टल पर सही तरह जुड़ा हो, बैंक खाता चालू हो और उसमें डीबीटी सुविधा चालू हो। अगर फिर भी समस्या हो तो स्थानीय गैस एजेंसी से संपर्क करें।

सिलेंडर बुक करना है — अब लाइन में लगने की जरूरत नहीं

2026 में गैस सिलेंडर बुक करना पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। गैस एजेंसी के चक्कर लगाना या घंटों फोन करना — यह सब पुरानी बात हो गई है।

सबसे आसान तरीका है कंपनी का मोबाइल ऐप। इंडियन ऑयल का ‘IndianOil ONE’, भारत पेट्रोलियम का ‘BharatGas’ और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का ‘HP Gas’ ऐप — तीनों पर बुकिंग, भुगतान और डिलीवरी ट्रैकिंग एक ही जगह होती है।

जिन्हें ऐप से परेशानी हो, वे व्हाट्सऐप से भी बुकिंग कर सकते हैं। इंडेन गैस के लिए 7588888824, भारत गैस के लिए 7715012345 और एचपी गैस के लिए 9222201122 पर अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर भेजें — बुकिंग हो जाएगी।

जो लोग स्मार्टफोन नहीं चलाते, उनके लिए आईवीआर सेवा है। अपने पंजीकृत मोबाइल से इंडेन के लिए 7718955555, भारत गैस के लिए 1800224344 और एचपी गैस के लिए 1800233555 पर मिस्ड कॉल दें — बुकिंग की पुष्टि एसएमएस पर आ जाएगी। पेटीएम और फोनपे जैसे ऐप पर भी गैस बुकिंग का विकल्प उपलब्ध है।

सावधान — गैस के नाम पर होती है ठगी

यह वह जानकारी है जो हर परिवार तक पहुँचनी चाहिए।

आजकल गैस एजेंसी के नाम पर फर्जी फोन काफी बढ़ गए हैं। ठग खुद को एजेंसी का कर्मचारी बताकर कहते हैं — “आपका आधार अपडेट करना है”, “सब्सिडी बंद हो जाएगी”, “केवाईसी अधूरी है।” और फिर मोबाइल पर आया ओटीपी माँगते हैं।

एक बार ओटीपी दिया तो बैंक खाता साफ।

इससे बचने के लिए तीन बातें हमेशा याद रखें। पहली — कोई भी असली गैस एजेंसी कर्मचारी कभी फोन पर ओटीपी नहीं माँगता। दूसरी — आधार, बैंक खाता या पैन की जानकारी कभी फोन पर साझा न करें। तीसरी — सिलेंडर की डिलीवरी के समय हमेशा वजन जाँचें। डिलीवरी कर्मचारी के पास तराजू होना अनिवार्य है — 14.2 किलोग्राम से कम वजन मिले तो सिलेंडर न लें और एजेंसी को तुरंत सूचित करें।

किसी भी संदिग्ध फोन या धोखाधड़ी की शिकायत के लिए एलपीजी आपातकालीन नंबर 1906 पर कॉल करें।

गैस सिलेंडर से जुड़े पाठकों के सामान्य सवाल

घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर में क्या फर्क है?
घरेलू 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर केवल घर में खाना पकाने के लिए है। इसे दुकान या होटल में इस्तेमाल करना कानूनन गलत है। 19 किलोग्राम का व्यावसायिक सिलेंडर होटल, रेस्तराँ और उद्योगों के लिए है। घरेलू सिलेंडर पर सरकारी अनुदान है इसलिए वह सस्ता मिलता है।

एलपीजी के दाम हर महीने बदलते हैं या हर साल?
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियाँ व्यावसायिक सिलेंडर के दाम बदलती हैं। घरेलू सिलेंडर के दाम भी तकनीकी तौर पर हर महीने बदल सकते हैं, लेकिन सरकार आमतौर पर इसे स्थिर रखने की कोशिश करती है।

उज्ज्वला योजना की सब्सिडी सभी को मिलती है?
नहीं। ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी केवल उन परिवारों को मिलती है जिन्हें उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन मिला है। सामान्य घरेलू कनेक्शन पर फिलहाल सब्सिडी नहीं मिलती, हालाँकि सरकार दाम को कृत्रिम रूप से नियंत्रित रखकर अप्रत्यक्ष राहत देती है।

एक महीने में कितने सिलेंडर मिलते हैं?
एक घरेलू कनेक्शन पर एक महीने में एक सिलेंडर का कोटा होता है। अगर जल्दी खाली हो जाए तो आगे की बुकिंग की जा सकती है, लेकिन अगला सिलेंडर तब ही मिलेगा जब नियमानुसार समय पूरा हो। उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में नौ सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते हैं।

सिलेंडर लेने पर कितनी सुरक्षा राशि देनी होती है?
नया कनेक्शन लेते समय 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर ₹1,700 की सुरक्षा राशि जमा करनी होती है। पाँच किलोग्राम के सिलेंडर पर ₹950 लगते हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को यह सुरक्षा राशि नहीं देनी पड़ती।

गैस लीकेज हो तो क्या करें?
तुरंत सभी बर्नर और नॉब बंद करें, खिड़कियाँ खोलें, बिजली के स्विच न छुएँ और घर से बाहर निकल जाएँ। अपनी गैस एजेंसी का नंबर या आपात सेवा नंबर 1906 पर फोन करें।

अंत में

सविता देवी इस महीने घरेलू सिलेंडर के दाम न बढ़ने से राहत में हैं। लेकिन उनके पड़ोस का ढाबा चलाने वाला रमेश मेहता परेशान है। दो महीनों में ₹160 प्रति व्यावसायिक सिलेंडर की बढ़ोतरी उसके मासिक खर्च में सैकड़ों रुपये जोड़ चुकी है।

यही है एलपीजी मूल्य नीति का दोहरा चरित्र। एक तरफ सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए हजारों करोड़ खर्च करती है, दूसरी तरफ व्यावसायिक क्षेत्र को बाजार के हवाले छोड़ देती है।

जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव है, गैस सिलेंडर के दाम भी बदलते रहेंगे। इसीलिए हर महीने की पहली तारीख को अपने शहर का ताजा भाव जरूर देखें — और सब्सिडी का पैसा खाते में आ रहा है या नहीं, यह भी जाँचते रहें।

यह लेख अपने परिजनों और मित्रों को जरूर भेजें — खासकर उन्हें जो उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं और शायद अभी तक नहीं जानते कि उन्हें ₹300 की सब्सिडी मिल सकती है।

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