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Credit card fraud se kaise bache 2026: खाते से पैसे उड़ने से पहले कर लें ये 5 सेटिंग, जानें ठगी से बचने के RBI नियम

Credit card fraud se kaise bache 2026: भारत में डिजिटल पेमेंट्स का दायरा जितनी तेजी से बढ़ रहा है, साइबर ठग (Cyber Thugs) भी उतने ही एडवांस हो गए हैं। साल 2026 में क्रेडिट कार्ड फ्रॉड (Credit Card Fraud) के तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं।

अब ठग आपसे ओटीपी (OTP) नहीं मांगते, बल्कि एआई (AI) और फेक ऐप्स के जरिए सीधे आपके फोन का एक्सेस ले लेते हैं।

अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल शॉपिंग, बिल पेमेंट या यात्रा के लिए करते हैं, तो आपकी गाढ़ी कमाई खतरे में हो सकती है।

आज हम आपको बताएंगे कि 2026 में स्कैमर्स किस तरह से लोगों को लूट रहे हैं और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत आप अपने कार्ड को कैसे 100% सुरक्षित रख सकते हैं।

Credit Card Fraud 2026 – Key Highlights (मुख्य बिंदु):

  • नए स्कैम: 2026 में 70% फ्रॉड Fake APK (फर्जी ऐप) और AI Voice Cloning के जरिए हो रहे हैं।
  • तुरंत एक्शन: फ्रॉड होने पर 1 घंटे के भीतर नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना सबसे जरूरी है।
  • जीरो लायबिलिटी (Zero Liability): 3 दिन के अंदर बैंक को शिकायत करने पर ग्राहक को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ता।
  • कार्ड कंट्रोल: बैंकिंग ऐप से ‘इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन’ बंद रखकर लाखों की ठगी से बचा जा सकता है।

2026 में कैसे हो रहे हैं नए Credit Card Frauds?

कुछ साल पहले तक ठग बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते थे और कार्ड का नंबर या CVV मांगते थे। लेकिन 2026 में साइबर अपराधियों ने तकनीक का सहारा लेकर ठगी के नए और बेहद खतरनाक तरीके ईजाद कर लिए हैं:

1. Fake APK और रिवॉर्ड पॉइंट्स का जाल

आपके व्हाट्सएप या एसएमएस (SMS) पर एक मैसेज आता है: “आपके 5000 रिवॉर्ड पॉइंट्स आज एक्सपायर हो रहे हैं, इसे रिडीम करने के लिए ऐप डाउनलोड करें।”

जैसे ही आप उस लिंक से कोई APK फाइल डाउनलोड करते हैं, आपके फोन का पूरा कंट्रोल (खासकर SMS पढ़ने की परमिशन) ठगों के पास चला जाता है। इसके बाद बिना OTP मांगे वे आपके कार्ड से लाखों रुपये उड़ा लेते हैं।

2. AI Voice और डीपफेक (Deepfake) स्कैम

आजकल ठग Artificial Intelligence (AI) का उपयोग करके आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार की हूबहू आवाज़ (Voice Cloning) निकाल लेते हैं।

वे कॉल करके इमरजेंसी में क्रेडिट कार्ड से किसी लिंक पर पेमेंट करने को कहते हैं, और घबराहट में लोग आसानी से शिकार बन जाते हैं।

3. कार्ड स्किमिंग और वाई-फाई टैप (Tap to Pay Fraud)

पेट्रोल पंप या रेस्टोरेंट में जब आप अपना कार्ड मशीन में स्वाइप करने के लिए देते हैं, तो स्किमर डिवाइस से कार्ड का डेटा कॉपी (Clone) कर लिया जाता है।

इसके अलावा, भीड़भाड़ वाली जगहों पर वायरलेस PoS मशीन से कार्ड को टच करके (NFC Fraud) भी पैसे काटे जा रहे हैं।

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Credit Card ठगी से कैसे बचें? (सुरक्षा सेटिंग्स)

अपने कार्ड को हैकर्स से बचाने के लिए आपको आज ही अपने बैंक (HDFC, SBI, ICICI आदि) के मोबाइल ऐप में जाकर ये 5 महत्वपूर्ण सेटिंग्स करनी चाहिए:

  1. इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन बंद रखें: भारत में होने वाले ट्रांजैक्शन पर OTP आता है, लेकिन विदेशी वेबसाइट्स पर बिना OTP के भी पेमेंट हो जाता है। इसलिए जब तक आप विदेश न जाएं, International Usage को हमेशा ‘OFF’ रखें।
  2. डेली ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करें: अपने कार्ड की लिमिट को अपनी ज़रूरत के हिसाब से फिक्स करें। अगर कार्ड की लिमिट 2 लाख है, तो ऑनलाइन शॉपिंग की डेली लिमिट केवल ₹20,000 या ₹30,000 ही सेट करें।
  3. Contactless (Tap & Pay) को डिसेबल करें: अगर आप ‘टैप एंड पे’ का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो ऐप से NFC (Contactless) पेमेंट को बंद कर दें।
  4. टोकनाइजेशन (Tokenization) अपनाएं: Amazon, Flipkart या Zomato जैसी वेबसाइट्स पर अपना असली कार्ड नंबर सेव करने के बजाय, RBI की ‘टोकनाइजेशन’ सुविधा का इस्तेमाल करें। इससे आपका असली कार्ड नंबर मर्चेंट के पास सेव नहीं होता।
  5. पब्लिक वाई-फाई से बचें: रेलवे स्टेशन या कैफे के फ्री वाई-फाई (Free Wi-Fi) से कनेक्ट होकर कभी भी क्रेडिट कार्ड का बिल न भरें और न ही कोई ऑनलाइन पेमेंट करें।

RBI ‘Zero Liability Policy’: अगर पैसे कट जाएं तो क्या करें?

अगर इतनी सावधानी के बावजूद आपके क्रेडिट कार्ड से गलत तरीके से पैसे कट जाते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की जीरो लायबिलिटी पॉलिसी‘ (Zero Liability Policy) आपको पूरी सुरक्षा देती है।

  • 3 दिन का नियम: अगर फ्रॉड होने के 3 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर आप अपने बैंक को इसकी सूचना दे देते हैं, तो नुकसान की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होगी। आपका एक भी रुपया नहीं कटेगा।
  • 4 से 7 दिन: यदि आप 4 से 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट करते हैं, तो आपको अधिकतम ₹10,000 या ट्रांजैक्शन वैल्यू (जो भी कम हो) का ही नुकसान उठाना पड़ेगा।
  • 7 दिन के बाद: अगर आप 7 दिन के बाद बैंक को बताते हैं, तो रिफंड मिलना बैंक की पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

Credit Card Frauds: नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) का उपयोग कैसे करें?

फ्रॉड होते ही सबसे पहले अपने बैंक के ऐप से कार्ड को ‘Block’ या ‘Hotlist’ करें। इसके तुरंत बाद, गृह मंत्रालय द्वारा जारी साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

अगर आप 1 से 2 घंटे (Golden Hour) के भीतर 1930 पर कॉल कर देते हैं, तो पुलिस उस पैसे को बीच में ही फ्रीज (Freeze) कर सकती है। इसके अलावा, आप cybercrime.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन FIR दर्ज करवा सकते हैं।

Credit Card Frauds: पब्लिक इम्पैक्ट / फायदे-नुकसान

फायदे: डिजिटल भुगतान ने हमारी ज़िंदगी आसान बनाई है। क्रेडिट कार्ड से हमें भारी डिस्काउंट, लाउंज एक्सेस और 45 दिन की फ्री क्रेडिट अवधि (Interest-Free Period) मिलती है।

नुकसान: साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता की कमी के कारण देश के ग्रामीण और बुजुर्ग नागरिक आसानी से साइबर ठगों का शिकार बन रहे हैं। ज़रा सी लापरवाही से जीवन भर की कमाई मिनटों में गायब हो सकती है।

Credit card fraud se kaise bache 2026: महत्वपूर्ण चेतावनी (Important Warning)

  • अनजान लिंक्स: व्हाट्सएप, टेलीग्राम या एसएमएस पर आने वाले किसी भी “पैन कार्ड अपडेट”, “बिजली बिल कटने” या “केवाईसी” वाले लिंक्स पर बिल्कुल क्लिक न करें।
  • स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स: किसी के कहने पर भी अपने फोन में AnyDesk या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग (Screen Sharing) ऐप्स डाउनलोड न करें।
  • कस्टमर केयर नंबर: गूगल (Google) पर सर्च करके कभी भी कस्टमर केयर का नंबर न मिलाएं, वे अक्सर ठगों के नंबर होते हैं। हमेशा अपने कार्ड के पीछे लिखे आधिकारिक टोल-फ्री नंबर पर ही कॉल करें।

Credit Card Frauds: Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. क्रेडिट कार्ड से बिना OTP के पैसे कैसे कट जाते हैं? अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट्स (International Websites) पर पेमेंट करने के लिए OTP या 3D सिक्योर पिन की आवश्यकता नहीं होती है।

केवल कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और CVV से ही पेमेंट हो जाता है। इसीलिए अपने कार्ड का ‘इंटरनेशनल यूसेज’ हमेशा बंद (Disable) रखना चाहिए।

Q2. क्रेडिट कार्ड फ्रॉड होने पर सबसे पहला कदम क्या होना चाहिए? फ्रॉड का मैसेज मिलते ही तुरंत अपने बैंक के मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर पर कॉल करके अपने कार्ड को परमानेंटली ब्लॉक (Block) करें। उसके बाद बिना देरी किए 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवाएं।

Q3. क्या गलती से फ्रॉड होने पर मेरे पैसे वापस (Refund) मिल सकते हैं? जी हाँ, बिल्कुल। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, अगर आप अपने साथ हुए फ्रॉड की जानकारी 3 कार्य दिवसों के भीतर अपने बैंक को दे देते हैं, तो आपकी पूरी राशि (100% Amount) आपके कार्ड में रिफंड (Reversed) कर दी जाती है।

निष्कर्ष

Credit Card Fraud 2026: के इस डिजिटल युग में साइबर ठग हर दिन नए तरीके खोज रहे हैं। क्रेडिट कार्ड एक बेहतरीन आर्थिक टूल है, बशर्ते आप इसका इस्तेमाल पूरी सावधानी से करें।

अपनी लिमिट सेट रखें, अनजान लिंक्स से दूर रहें और किसी के साथ अपना OTP साझा न करें। सतर्कता ही डिजिटल दुनिया में आपकी गाढ़ी कमाई का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

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